ईरान का ट्रंप पर तीखा हमला, बातचीत के दावे को बताया झूठ, कहा अमेरिका खुद से ही कर रहा है संवाद

ईरान ने ट्रंप के बातचीत वाले दावे को खारिज किया। सैन्य प्रवक्ता ने कहा अमेरिका खुद से ही बात कर रहा है, 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर भी जताई सख्त नाराजगी।

ईरान ने ट्रंप के बातचीत के दावे को खारिज करते हुए तंज कसा है। सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका खुद से ही बात कर रहा है और किसी भी तरह के समझौते से इनकार कर दिया है।

Iran-US: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की सेना ने अमेरिका और राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक रही है और इसी कारण कुछ दिनों तक हमले नहीं किए जाएंगे। लेकिन ईरानी सेना ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसका मजाक उड़ाया है।

ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की ओर से जिस बातचीत की बात की जा रही है, वह वास्तविक नहीं है। उनका कहना है कि अमेरिकी केवल अपने आप से ही बातचीत कर रहे हैं और इसे कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

“अमेरिका खुद से ही कर रहा है बातचीत”

ईरान की सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ाग़ारी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में बातचीत कर रहा है, तो वह सिर्फ खुद के साथ ही कर रहा है।

इस बयान के जरिए ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी तरह के सीजफायर या बातचीत को लेकर सहमत नहीं है। ईरान का मानना है कि अमेरिका अपने राजनीतिक फायदे के लिए स्थिति को अलग तरह से पेश कर रहा है।

रणनीतिक ताकत पर उठाए सवाल

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ईरानी सेना ने अमेरिका की रणनीतिक ताकत पर भी सवाल उठाए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि जिस शक्ति का दावा अमेरिका करता है, वह अब असफलता में बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में वैश्विक महाशक्ति होता, तो वह इस तरह की उलझनों से काफी पहले बाहर निकल चुका होता।

यह बयान न केवल अमेरिका की सैन्य रणनीति पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ईरान इस पूरे संघर्ष में खुद को मजबूत स्थिति में देख रहा है।

“हार को समझौते का नाम न दें”

ईरानी सेना ने ट्रंप प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अपनी हार को समझौते का रूप देने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि अब खोखले वादों का समय खत्म हो चुका है और वास्तविक स्थिति को स्वीकार करना होगा। प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अमेरिका के अंदरूनी मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि अब वह खुद से ही बातचीत करने की स्थिति में आ गया है। यह बयान अमेरिकी नीतियों और निर्णय प्रक्रिया पर सीधा हमला माना जा रहा है।

15 सूत्रीय प्रस्ताव के बाद आया बयान

यह पूरा बयान उस समय आया है जब अमेरिका की ओर से ईरान को 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजे जाने की खबर सामने आई है। इस प्रस्ताव में युद्धविराम और अन्य शर्तों पर बातचीत की बात कही गई थी।

हालांकि, ईरान की प्रतिक्रिया से साफ है कि वह इस प्रस्ताव को लेकर गंभीर नहीं है और इसे अमेरिका की रणनीतिक चाल के रूप में देख रहा है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने रुख से पीछे हटने वाला नहीं है।

समझौते से किया साफ इनकार

ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने अपने बयान में यह भी कहा कि उनका रुख शुरू से ही स्पष्ट रहा है और आगे भी वही रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।

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