ईरान के विदेश मंत्री का अमेरिका पर बड़ा हमला, रूसी तेल और भारत को लेकर दिया कड़ा बयान

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए रूसी तेल और भारत के साथ व्यापार को लेकर कड़ा बयान दिया। जानिए क्या कहा, क्यों बढ़ा तनाव और इसका वैश्विक

Abbas Araghchi ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसकी नीतियों में दोहरापन साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले United States ने India पर Russia से तेल खरीद बंद करने के लिए महीनों तक दबाव बनाया।

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पहले वॉशिंगटन ने भारत सहित कई देशों पर रूस से तेल खरीदना बंद करने का दबाव बनाया, लेकिन अब हालिया संघर्ष के बाद वही अमेरिका दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने की अपील कर रहा है। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा राजनीति और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है।

अरगची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अमेरिका की नीतियों को विरोधाभासी बताया और कहा कि हालात बदलते ही अमेरिका का रुख भी बदल गया है। उनके अनुसार, पहले महीनों तक भारत पर रूस से तेल आयात रोकने के लिए दबाव डाला गया, लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी बन गई हैं कि अमेरिका खुद देशों से रूसी तेल खरीदने की अपील कर रहा है।

भारत और रूस के तेल व्यापार को लेकर अमेरिका पर आरोप

ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका लंबे समय से भारत पर रूस से ऊर्जा आयात कम करने का दबाव बना रहा था। लेकिन हाल के घटनाक्रम के बाद अमेरिका की प्राथमिकताएं बदलती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अस्थिरता के कारण अब वही देश, जो पहले प्रतिबंधों की बात कर रहे थे, तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नए रास्ते खोज रहे हैं।

रूस से तेल खरीद को लेकर भारत की नीति हमेशा संतुलित रही है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फैसले किए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री का अमेरिका पर बड़ा हमला, रूसी तेल और भारत को लेकर दिया कड़ा बयान

यूरोप की भूमिका पर भी उठाए सवाल

अरगची ने अपने बयान में यूरोपीय देशों की भी आलोचना की। उनका कहना था कि यूरोप ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन यह सोचकर किया कि अमेरिका बदले में रूस के खिलाफ उनका साथ देगा, लेकिन अब उन्हें निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में स्थायी मित्र या विरोधी नहीं होते, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार नीतियां बदलती रहती हैं। ईरान के मुताबिक, पश्चिमी देशों की रणनीति ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को और अस्थिर बना दिया है।

तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान ने भारत के जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति होती है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के झंडे वाले दो एलपीजी कैरियर जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई। इसके अलावा सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर आने वाला एक टैंकर भी इसी रास्ते से भारत पहुंचने वाला है।

भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fattahi ने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध हैं और दोनों देशों के हित कई मामलों में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान भारत जाने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग का रिश्ता है। उनके अनुसार, भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े कई साझा हित हैं।

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