एमसीडी तोड़फोड़ पर ओवैसी का विरोध, वक्फ बोर्ड को न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का दिया सुझाव

एमसीडी तोड़फोड़ पर ओवैसी का विरोध, वक्फ बोर्ड को न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का दिया सुझाव

ओवैसी ने दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी की तोड़फोड़ की निंदा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाए बिना आदेश दिया गया, जिससे वक्फ संपत्ति को नुकसान हुआ।

New Delhi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी की तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की। ओवैसी ने इसे वक्फ संपत्ति पर गलत कार्रवाई करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को इस मामले में पक्षकार बनाए बिना अदालत ने आदेश दिया, जिससे वक्फ को नुकसान पहुंचा। ओवैसी ने कहा कि इस मामले में दिल्ली वक्फ बोर्ड को न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए।

अदालत ने वक्फ को पक्षकार नहीं बनाया

ओवैसी ने ANI को बताया कि यह भूमि पूरी तरह वक्फ की है। 12 नवंबर 2025 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने आदेश सुनाया था। इस याचिका को RSS से जुड़े याचिकाकर्ता, सेव इंडिया फाउंडेशन, ने दायर किया था। अदालत ने सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया, लेकिन इस प्रक्रिया में दिल्ली वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाया गया। ओवैसी ने कहा कि अदालत ने इस महत्वपूर्ण पक्ष को शामिल न करके गलत फैसला सुनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विवाद की जड़ें ऐतिहासिक हैं और 1947 में यह स्थान मस्जिद था।

वक्फ संपत्ति की सुरक्षा पर जोर

ओवैसी ने कहा कि संसद द्वारा पारित पूजा स्थल अधिनियम 1991 का सम्मान नहीं किया गया। इसके चलते वक्फ संपत्ति को नुकसान हुआ। उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड और उसकी प्रबंध समिति से अपील की कि वे सर्वोच्च न्यायालय में जाकर सभी तथ्य रखें और यथास्थिति बहाल कराने के लिए कदम उठाएं। ओवैसी ने इसे वक्फ अधिकारों की रक्षा का मामला बताया और कहा कि उचित कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

एमसीडी का अतिक्रमण हटाने का अभियान

दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, 7 जनवरी 2026 की तड़के एमसीडी ने फैज-ए-इलाही मस्जिद और रामलीला मैदान के पास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। अभियान के दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। पुलिस ने बताया कि लगभग 25-30 लोगों ने पुलिस और एमसीडी अधिकारियों पर पत्थर फेंके। इस दौरान पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। डीसीपी (सेंट्रल) निधिन वलसन के अनुसार, पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं और उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शांति बनाए रखने के प्रयास

एमसीडी और पुलिस ने अभियान से पहले अमन कमेटी सहित स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय बैठकें की थीं। ओवैसी ने कहा कि शांति भंग करने का प्रयास कुछ उपद्रवियों द्वारा किया गया। उन्होंने यह भी चेताया कि प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी तरह के अतिक्रमण हटाने के काम में कानून और प्रक्रिया का पालन हो।

उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत पर प्रतिक्रिया

ओवैसी ने सर्वोच्च न्यायालय के कुछ अन्य मामलों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक और चौंकाने वाला है कि उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं मिली। अदालत ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी थी। खालिद और इमाम पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित षड्यंत्र मामले में राहत देने से इनकार किया गया।

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