उत्तर और मध्य भारत में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। अगले 5 से 7 दिनों तक तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने का अनुमान है। इसके साथ ही कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा जीवन की गति धीमा कर रहा है।
Coldwave: उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य और पूर्वी भारत भी इस समय शीतलहर की चपेट में हैं। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी सर्दी का असर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई क्षेत्रों में कड़ी ठंड और शीतलहर जैसी स्थिति बनी रही। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक शीतलहर का प्रभाव बना रहेगा। आईएमडी ने बुधवार को जारी अपने बुलेटिन में कहा कि अगले 5-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के पूरे आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण ठंड दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी बहुत ठंड रही। पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में शीतलहर का प्रभाव जारी है। मैदानी इलाकों में छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शीतलहर की स्थिति – उत्तर और मध्य भारत
उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में कड़ी ठंड और घना कोहरा देखने को मिला। आईएमडी ने बुधवार को बताया कि अगले 5-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत में सुबह के समय कोहरा रहने की पूरी संभावना है।
- राजस्थान के मैदानी इलाकों में तापमान न्यूनतम स्तर पर पहुंचा।
- उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में अत्यधिक ठंड।
- छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में शीतलहर का प्रभाव।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पहाड़ी राज्यों में पाला गिरने और बर्फबारी की स्थितियां जारी हैं।

पहाड़ी राज्यों का तापमान
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश: कई हिस्सों में पारा 0°C से नीचे।
- उत्तराखंड: 0°C से 5°C के बीच।
- सोनमर्ग: न्यूनतम तापमान -10.1°C दर्ज।
- गुलमर्ग: -7.6°C।
- श्रीनगर: -1.6°C।
- पहलागाम: -7.2°C।
- काजीगुंड: -0.1°C।
उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में बर्फबारी और पाले की घटनाओं के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
घने कोहरे ने उत्तर भारत की रफ्तार धीमी कर दी है। पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। हिमाचल, उत्तराखंड, बिहार और मध्य प्रदेश में दृश्यता 50-199 मीटर के बीच दर्ज की गई। इसका असर सड़क और रेल परिवहन पर पड़ा, जिससे कई ट्रेन और बस सेवाओं में देरी हुई। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और माहे में बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार:
- तमिलनाडु: 8 से 11 जनवरी के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना।
- 10 जनवरी: अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी।
- केरल और माहे: 10 जनवरी को भारी बारिश होने के आसार।
यह बारिश पूर्वी और दक्षिणी तटीय इलाकों में अचानक जलभराव और बाढ़ का खतरा भी पैदा कर सकती है।











