अमेरिका में एपस्टीन आइलैंड विवाद फिर तेज हो गया है। ट्रंप सरकार के मंत्री हॉवर्ड लुटकिन ने 2012 में आइलैंड यात्रा स्वीकार की, जिसके बाद विपक्ष ने जांच और इस्तीफे की मांग तेज कर दी। संसद और सियासी बहस बढ़ी।
Epstein Island: अमेरिका में जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार विवाद के केंद्र में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटकिन हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वह साल 2012 में एपस्टीन के निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स पर गए थे और वहां लंच भी किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका एपस्टीन से कोई करीबी या निजी रिश्ता नहीं था। यह बयान सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीति में बहस और तेज हो गई है।
क्या कहता है हॉवर्ड लुटकिन का बयान
हॉवर्ड लुटकिन ने सीनेट कमेटी की सुनवाई के दौरान स्वीकार किया कि वह 2012 में एपस्टीन के आइलैंड पर लगभग एक घंटे तक रुके थे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह पारिवारिक थी। उनके अनुसार वह अपनी पत्नी, बच्चों और नैनी के साथ छुट्टियां मना रहे थे और उसी दौरान लंच के लिए वहां गए थे। लुटकिन ने जोर देकर कहा कि यह मुलाकात सीमित समय की थी और इसका कोई निजी या व्यावसायिक संदर्भ नहीं था।
रिश्तों से इनकार की दोहराई गई बात
लुटकिन ने साफ शब्दों में कहा कि उनका एपस्टीन के साथ कोई करीबी संबंध नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उनका दावा है कि वह केवल लंच के लिए गए थे और वहां किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि उन्होंने नहीं देखी। लुटकिन ने यह भी जोड़ा कि उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया था कि एपस्टीन से उनके रिश्ते बहुत सीमित और औपचारिक थे।
जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइलों का असर
इस पूरे विवाद को और हवा तब मिली जब जस्टिस डिपार्टमेंट से जुड़ी कुछ फाइलें सार्वजनिक हुईं। इन दस्तावेजों में यह संकेत मिला कि लुटकिन द्वारा पहले दिए गए बयानों और अब सामने आ रही जानकारियों में विरोधाभास हो सकता है। पहले कहा गया था कि उन्होंने दो दशक पहले ही एपस्टीन से संबंध खत्म कर लिए थे, लेकिन 2012 की इस यात्रा ने सवाल खड़े कर दिए। इसी आधार पर कई सांसदों ने लुटकिन के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।

विपक्षी सांसदों की सख्त प्रतिक्रिया
अमेरिकी कांग्रेस के कई सदस्यों का कहना है कि एपस्टीन जैसे विवादित व्यक्ति से जुड़े किसी भी अधिकारी को कैबिनेट में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनका तर्क है कि भले ही लुटकिन ने किसी गलत काम में हिस्सा न लिया हो, लेकिन ऐसे व्यक्ति के द्वीप पर जाना ही सवालों के घेरे में लाने के लिए काफी है। सांसदों का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत सफाई तक सीमित नहीं रह सकता और इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए।
ट्रंप प्रशासन का रुख
इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉवर्ड लुटकिन का खुलकर समर्थन किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति को लुटकिन पर पूरा भरोसा है और वह उन्हें अपनी टीम का अहम हिस्सा मानते हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि केवल आरोपों के आधार पर किसी मंत्री को हटाना सही नहीं होगा, जब तक कि कोई ठोस सबूत सामने न आए।
व्हाइट हाउस का आधिकारिक बयान
प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि लुटकिन ने जो कुछ भी बताया है, वह पारदर्शी है और उन्होंने किसी भी तथ्य को छिपाने की कोशिश नहीं की। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह मामला राजनीतिक रूप से उछाला जा रहा है और इसका मकसद प्रशासन को घेरना है। ट्रंप प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल लुटकिन के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चल रही है।
एपस्टीन आइलैंड की पृष्ठभूमि
लिटिल सेंट जेम्स आइलैंड जेफरी एपस्टीन का निजी द्वीप था, जिसे लेकर वर्षों से गंभीर आरोप लगते रहे हैं। एपस्टीन पर नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी जैसे संगीन आरोप थे। इसी वजह से इस द्वीप पर जाने वाले किसी भी व्यक्ति का नाम सामने आते ही विवाद खड़ा हो जाता है। अमेरिका ही नहीं, दुनिया भर में इस आइलैंड को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है।
लुटकिन ने आइलैंड पर क्या देखा
जब लुटकिन से पूछा गया कि उन्होंने वहां क्या देखा, तो उन्होंने कहा कि अपने परिवार और वहां मौजूद एक अन्य कपल के अलावा उन्होंने केवल स्टाफ को ही देखा। उनके अनुसार आइलैंड पर कोई असामान्य गतिविधि नजर नहीं आई। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह की गलत बात का अंदेशा होता, तो वह वहां रुकते ही नहीं।












