यूरोपीय संघ ने डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 120 मिलियन यूरो का बड़ा जुर्माना लगाया है। दो साल की जांच में पाया गया कि X ने पारदर्शिता और विज्ञापन डेटा से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया, जिससे यूजर्स को गलत जानकारी, स्कैम और ऑनलाइन मैनिपुलेशन का जोखिम बढ़ गया।
EU DSA Penalty on X: यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के उल्लंघन का मामला सिद्ध होने के बाद 120 मिलियन यूरो का भारी जुर्माना लगाया। ब्रसेल्स में हुए इस फैसले में आयोग ने बताया कि दो साल की जांच में X द्वारा पारदर्शिता नियमों, विज्ञापन डेटा उपलब्धता और रिसर्चर्स की एक्सेस से जुड़े कई प्रावधानों की अनदेखी की गई। अधिकारियों का कहना है कि इन चूकों के कारण यूजर्स गलत जानकारी, स्कैम और मैनिपुलेशन के बढ़ते खतरे में आ गए, जिसके चलते यह कड़ी
EU का बड़ा डिजिटल एक्शन
European Union ने X पर कड़ा डिजिटल प्रहार करते हुए 120 मिलियन यूरो का भारी जुर्माना लगाया है। अधिकारियों के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर कई डिजिटल नियमों का उल्लंघन हुआ, जिससे यूजर्स स्कैम, गलत जानकारी और ऑनलाइन मैनिपुलेशन के जोखिम में आ गए। यह कार्रवाई यूरोपीय डिजिटल सुरक्षा कानूनों के तहत अब तक की बड़ी पेनाल्टी में से एक मानी जा रही है।
यह जुर्माना दो साल लंबी जांच के बाद लगाया गया, जो डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत की गई थी। DSA का मकसद है कि सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स हानिकारक, भ्रामक और अवैध डिजिटल कंटेंट को रोकने के लिए अधिक जवाबदेह बनें। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि X ने इन जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया और कई अनिवार्य मानकों का उल्लंघन किया।
DSA जांच की बड़ी कमियां
यूरोपीय आयोग की रिपोर्ट में बताया गया कि X ने पारदर्शिता से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की अनदेखी की। प्लेटफॉर्म का ब्लू टिक डिज़ाइन भ्रामक पाया गया, जिसे यूजर्स को भ्रमित करने और ऑनलाइन मैनिपुलेशन बढ़ाने वाला बताया गया। इसके कारण लाखों उपयोगकर्ताओं को गलत जानकारी और धोखाधड़ी के अधिक खतरे का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही X का विज्ञापन डाटाबेस भी यूरोपीय मानकों पर खरा नहीं उतरा। तकनीकी खामियों, डेटा तक पहुंच में देरी और अधूरी जानकारी के कारण आयोग ने इसे पारदर्शिता नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना। EU के नियमों के तहत सभी सोशल प्लेटफॉर्म्स को यह बताना अनिवार्य है कि विज्ञापन किसके द्वारा चलाया गया, किसे लक्ष्य किया गया और क्यों।

डेटा एक्सेस को लेकर गंभीर आरोप
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि X ने रिसर्चर्स को डेटा तक पहुंचने में अनावश्यक और जानबूझकर बाधाएं पैदा कीं। इससे ऑनलाइन स्कैम, फेक ऐड्स और गलत सूचनाओं की जांच करना और कठिन हो गया। आयोग ने इसे डिजिटल पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत बताया।
EU की डिजिटल टेक नीति की प्रभारी उपाध्यक्ष हेना विर्कुनेन ने स्पष्ट कहा कि यूजर्स को गुमराह करना, विज्ञापन डेटा छिपाना और शोधकर्ताओं को बाहर रखना यूरोपीय डिजिटल इकोसिस्टम में किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि X ने DSA के बुनियादी उद्देश्यों को नज़रअंदाज़ किया, जिससे यह कड़ा जुर्माना लगाया गया।












