नोएडा। उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। एयरपोर्ट पर पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट के उतरने के साथ ही यहां से माल ढुलाई सेवाओं की औपचारिक शुरुआत हो गई। चेन्नई से करीब 20 टन माल लेकर पहुंची इस फ्लाइट का एयरपोर्ट पर पारंपरिक वाटर कैनन सलामी देकर भव्य स्वागत किया गया।
यह मौका एयरपोर्ट प्रशासन, विमानन कंपनियों और स्थानीय लोगों के लिए बेहद खास रहा। जैसे ही कार्गो विमान ने रनवे पर लैंड किया, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने दोनों ओर से पानी की बौछार कर उसे सलामी दी। एयरपोर्ट परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालियों के साथ इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया।
बताया जा रहा है कि यह कार्गो फ्लाइट दक्षिण भारत के प्रमुख औद्योगिक शहर चेन्नई से विभिन्न प्रकार के सामान लेकर नोएडा पहुंची। विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, औद्योगिक सामग्री और अन्य व्यावसायिक सामान शामिल थे। एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि इससे उत्तर भारत में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को नई गति मिलेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा कि कार्गो सेवाओं की शुरुआत से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि आसपास के राज्यों के उद्योगों और कारोबारियों को भी बड़ा फायदा होगा। इससे माल परिवहन का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जेवर स्थित यह एयरपोर्ट आने वाले समय में देश के बड़े कार्गो हब के रूप में उभर सकता है। दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की कार्गो सेवाओं के विस्तार की योजना है।
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, कार्गो ऑपरेशन शुरू होने के बाद अब नियमित रूप से विभिन्न शहरों से मालवाहक विमानों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
इस ऐतिहासिक मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक फ्लाइट की शुरुआत नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति और बुनियादी ढांचे के विस्तार का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन का बड़ा केंद्र बन सकता है।
पहली घरेलू कार्गो फ्लाइट के सफल संचालन के बाद अब एयरपोर्ट पर यात्री और मालवाहक दोनों तरह की सेवाओं के विस्तार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इससे व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लंबे समय से इस एयरपोर्ट को उत्तर भारत के एक बड़े विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा था। पहली कार्गो फ्लाइट के साथ यह सपना अब धीरे-धीरे हकीकत का रूप लेता नजर आ रहा है।









