यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणामों में आई त्रुटियों से जुड़ी 842 शिकायतों में से 760 का निस्तारण कर दिया है। शेष मामलों की जांच और सुधार की प्रक्रिया जारी है।
प्रयागराज: यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणामों में दर्ज त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया में बड़ी प्रगति की है। परीक्षार्थियों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर बोर्ड ने अधिकांश मामलों का निस्तारण कर संशोधित अंकपत्र जारी कर दिए हैं। बाकी बचे मामलों पर भी जल्द कार्रवाई की जा रही है।
अंकपत्र त्रुटियों के निस्तारण में बोर्ड की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणामों में सामने आई त्रुटियों को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड के अनुसार, कुल 842 परीक्षार्थियों ने अपने डिजिटल अंकपत्र में विभिन्न प्रकार की गलतियों की शिकायत दर्ज कराई थी। इनमें से 760 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया है।
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बोर्ड ने संबंधित विद्यालयों, परीक्षा केंद्रों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर शिकायतों का सत्यापन किया। दस्तावेजों के मिलान के बाद जिन मामलों में त्रुटियां पाई गईं, उनमें आवश्यक सुधार कर दिए गए हैं।
अप्रैल से मई तक मिला था शिकायत दर्ज कराने का अवसर
यूपी बोर्ड ने 23 अप्रैल 2026 को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित किए थे। इसके बाद 29 अप्रैल से 29 मई तक मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई थी।
बोर्ड ने उन छात्रों से साक्ष्य सहित आवेदन मांगे थे, जिनके अंकपत्र में किसी प्रकार की त्रुटि दर्ज हुई थी। क्षेत्रीय कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों की जांच क्षेत्रीय अपर सचिवों की देखरेख में की गई और संबंधित अभिलेखों से मिलान के बाद कार्रवाई की गई।
अंक नहीं चढ़ने और अनुपस्थित दिखाने की थीं अधिक शिकायतें
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार अधिकांश शिकायतें परीक्षा देने के बावजूद अंक दर्ज नहीं होने, प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने के बाद भी अनुपस्थित दिखाए जाने और गलत विषय में अंक दर्ज होने जैसी समस्याओं से संबंधित थीं।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो हाईस्कूल स्तर पर सबसे अधिक 90 शिकायतें गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय में प्राप्त हुईं। वहीं इंटरमीडिएट में सबसे ज्यादा 248 शिकायतें वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय में दर्ज की गईं।
शेष मामलों पर भी जल्द होगा फैसला
यूपी बोर्ड के अनुसार, शुरुआती चरण में 760 मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। शेष 82 मामलों में से भी कुछ शिकायतों का समाधान हाल के दिनों में किया जा चुका है। बाकी लंबित मामलों की जांच प्रक्रिया जारी है और संबंधित छात्रों को जल्द संशोधित परिणाम उपलब्ध कराए जाएंगे।
बोर्ड का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी शिकायतों का निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, ताकि किसी भी छात्र को अंकपत्र की त्रुटि के कारण आगे की प्रवेश या भर्ती प्रक्रिया में परेशानी का सामना न करना पड़े।










