फिच रेटिंग्स ने भारत की आर्थिक स्थिति पर भरोसा जताते हुए FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.9% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया है। मजबूत कंजम्प्शन, व्यापक GST सुधार और घटती महंगाई के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज गति मिलने की उम्मीद है।
GDP Outlook: फिच रेटिंग्स ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अपग्रेड जारी किया है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2025-26 यानी FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को पहले के 6.9% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया है। यह बदलाव बताता है कि भारतीय इकॉनमी मजबूत हो रही है और घरेलू मांग से लेकर टैक्स सुधारों तक कई फैक्टर देश की विकास दर को नई दिशा दे रहे हैं।
फिच का कहना है कि कंजम्प्शन में तेजी, उपभोक्ता भावनाओं में सुधार और व्यापक GST सुधारों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि भारत को ग्लोबल इकॉनमी की तुलना में कहीं अधिक तेज बढ़त मिलने की संभावना है।
कंजम्प्शन बना मुख्य इंजन
फिच के अनुसार इस साल आर्थिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण इंजन प्राइवेट कंजम्प्शन है। मजबूत इनकम ग्रोथ, कंज्यूमर सेंटीमेंट का सुधार और GST कटौती से घरेलू बाजार में खर्च बढ़ रहा है। 22 सितंबर से लागू व्यापक GST रेट कटौती का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिला है।
सरकार ने कुल 375 वस्तुओं पर टैक्स घटाया, जिससे 99% से ज्यादा उपभोग सामान सस्ती कीमत पर उपलब्ध हुए हैं। इस बदलाव ने बाजार की धड़कन तेज की है और रिटेल सेक्टर से लेकर FMCG और durable goods तक हर जगह मांग बढ़ाई है।
Q2 में GDP ग्रोथ 8.2% – उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन
जुलाई–सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े भी भारतीय इकॉनमी की मजबूती को दर्शाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक Q2 में GDP ग्रोथ 8.2% दर्ज की गई, जो पहली तिमाही की 7.8% की वृद्धि दर से भी अधिक है। हालांकि, फिच का अनुमान है कि आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन पूरे वित्त वर्ष का औसत 7.4% के आस-पास रहेगा, जो वैश्विक स्तर पर बेहद मजबूत माना जाता है। एजेंसी का कहना है कि भारत की आर्थिक गतिविधियों में व्यापक सुधार हुआ है और निजी खपत से लेकर सर्विस सेक्टर तक हर क्षेत्र में सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है।
GST सुधारों ने बदल दिया ग्रोथ पैटर्न
फिच रेटिंग्स ने अपने मूल्यांकन में विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि GST सुधारों का प्रभाव बड़े पैमाने पर देश की आर्थिक संरचना में दिखाई दे रहा है। जब उपभोग वस्तुएं सस्ती होती हैं, तो मांग बढ़ती है और इसका लाभ उत्पादन से लेकर परिवहन और सेवा क्षेत्र तक हर स्तर पर मिलता है। यही कारण है कि भारत में निवेशकों का विश्वास भी मजबूत बना हुआ है। एजेंसी का कहना है कि GST सुधारों ने अर्थव्यवस्था को अधिक सुगठित, पारदर्शी और व्यवसाय-हितैषी बनाया है।
मुद्रास्फीति में गिरावट से राहत
मुद्रास्फीति में तेजी से गिरावट ने घरेलू आर्थिक माहौल को और सकारात्मक बनाया है। अक्टूबर में रिटेल महंगाई दर घटकर सिर्फ 0.3% पर आ गई, जो अब तक का रिकॉर्ड लो स्तर है। इसकी वजह खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में कमी रही। फिच के मुताबिक, कम महंगाई उपभोक्ता क्रय-शक्ति बढ़ाती है और यही कारण है कि खर्च तेजी से बढ़ रहा है। महंगाई घटने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश भी मिल रही है।
दिसंबर में RBI कर सकता है और Rate Cut
फिच का अनुमान है कि दिसंबर में RBI रेपो रेट को 5.25% तक घटा सकता है। RBI इस साल अब तक कुल 100 बेसिस पॉइंट की कटौती कर चुका है। एजेंसी का कहना है कि वर्तमान आर्थिक हालात, गिरती महंगाई और स्थिर विकास दर को देखते हुए RBI अपनी मौद्रिक नीति को और नरम बना सकता है। इसके अलावा नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में 4% से 3% की चरणबद्ध कटौती का भी बाजार पर सकारात्मक असर हो सकता है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) अपनी नीति समीक्षा शुक्रवार को जारी करेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
FY27 में निजी निवेश बढ़ने की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार FY27 की दूसरी छमाही में निजी निवेश में तेजी लौट सकती है। फाइनैंशल कंडीशंस के सुधरने और कर्ज की लागत कम होने के बाद भारत में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।
साथ ही, घरेलू मांग और सेवाओं का तेज विस्तार भी निवेशकों को आकर्षित करेगा। फिच ने FY27 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.4% रखा है, जो अभी भी विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी बेहतर है।









