वजन घटाने वाली दवाओं का बिना डॉक्टर की सलाह के उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। GLP-1 आधारित दवाएं तेजी से वजन कम कर सकती हैं, लेकिन इनके गलत इस्तेमाल से मसल लॉस, कमजोरी, पाचन समस्याएं और इम्यूनिटी में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञ केवल नियंत्रित और मेडिकल निगरानी में ही इनका इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।
Weight Loss Drugs Risk: तेजी से वजन घटाने वाली दवाओं का चलन बढ़ रहा है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह इनका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। दिल्ली के एक्सपर्ट्स डॉ. अरविंद अग्रवाल और डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, ये दवाएं मसल लॉस, कमजोरी और पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। ऐसे दवाओं का सेवन मुख्य रूप से युवा और महिलाएं ऑनलाइन या सोशल मीडिया ट्रेंड के चलते कर रहे हैं। केवल नियंत्रित और विशेषज्ञ की निगरानी में ही इन दवाओं का सुरक्षित उपयोग संभव है।
वजन घटाने वाली दवाओं का बढ़ता इस्तेमाल और खतरे
हाल के समय में GLP-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं जैसे Ozempic और Wegovy का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। सोशल मीडिया और ट्रेंड के चलते युवा और महिलाएं इन्हें बिना मेडिकल सलाह के शॉर्टकट की तरह ले रहे हैं। एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह का उपयोग मसल लॉस, कमजोरी और पाचन समस्याओं जैसी गंभीर दिक्कतें पैदा कर सकता है।
डॉ. अरविंद अग्रवाल बताते हैं कि तेज वजन कम होने पर शरीर सिर्फ फैट ही नहीं, बल्कि मसल्स भी खोने लगते हैं। इससे बॉडी शेप बदलती है, मसल स्ट्रेंथ घटती है और हिप्स या ग्लूट एरिया सिकुड़ सकता है। लंबे समय तक दवा का गलत इस्तेमाल थकान, कमजोर इम्यूनिटी और गिरने का खतरा बढ़ा देता है।
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दवाओं का सही उपयोग और साइड इफेक्ट्स
वजन घटाने वाली दवाएं भूख कम करने, पाचन धीमा करने और कैलोरी बर्निंग में मदद करती हैं। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना लेना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। आम साइड इफेक्ट्स में नॉज़िया, उलटी, कब्ज, चक्कर और कमजोरी शामिल हैं। विशेष रूप से मसल लॉस और शरीर का ढीला होना सबसे चिंताजनक असर है।
डॉ. अजीत कुमार का कहना है कि लोग ऑनलाइन दवाएं ऑर्डर कर बिना डॉक्टर की निगरानी ओवरडोज तक ले रहे हैं। यह सीधे स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और लंबे समय में मसल और हड्डियों की सेहत को प्रभावित करता है।
सुरक्षित तरीके और विशेषज्ञ सलाह
वजन घटाने वाली दवाओं का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन-रिच डाइट, हफ्ते में 3-4 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और नियमित मॉनिटरिंग वजन घटाने की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाती है। दवाओं को फैशन या शॉर्टकट समझना स्वास्थ्य के लिए खतरा है।











