गौरा-जंघई रेलखंड के दोहरीकरण कार्य के लिए 23 से 30 जून तक ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान वाराणसी इंटरसिटी समेत कई ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा और कुछ ट्रेनों का सुवंसा स्टेशन पर अस्थायी ठहराव रहेगा।
लखनऊ: उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने गौरा-जंघई रेलखंड के दोहरीकरण कार्य को आगे बढ़ाते हुए 23 से 30 जून तक विशेष ब्लॉक लेने का निर्णय लिया है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने वैकल्पिक रूट और अस्थायी ठहराव की व्यवस्था भी की है।
दोहरीकरण कार्य के लिए लिया जाएगा विशेष ब्लॉक
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल गौरा–सुवंसा–बादशाहपुर–नीभापुर–जंघई रेलखंड पर दोहरीकरण का कार्य कर रहा है। इस परियोजना के तहत लगभग 27 किलोमीटर लंबे रेलखंड को डबल लाइन में परिवर्तित किया जाएगा। कार्य को पूरा करने के लिए 23 जून से 30 जून तक नॉन इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया जाएगा।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा और भविष्य में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ट्रेनों की समयबद्धता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
इन प्रमुख ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा
ब्लॉक अवधि के दौरान कई लंबी दूरी और महत्वपूर्ण ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। इनमें लखनऊ–वाराणसी इंटरसिटी, पंजाब मेल, अर्चना एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस और काशी क्षेत्र से जुड़ी कई अन्य ट्रेनें शामिल हैं।
वाराणसी इंटरसिटी सहित कई ट्रेनें इस दौरान सुलतानपुर होकर अपने गंतव्य तक जाएंगी। रेलवे ने प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी करते हुए यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
सुवंसा स्टेशन पर मिलेगा अस्थायी ठहराव
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों का अस्थायी ठहराव सुवंसा स्टेशन पर देने का निर्णय लिया है। 26 जून से 30 जून तक काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, लखनऊ–बनारस इंटरसिटी, बनारस–लखनऊ इंटरसिटी और वाराणसी–लखनऊ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का सुवंसा स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव रहेगा।
इस दौरान संबंधित ट्रेनें बादशाहपुर स्टेशन के बजाय सुवंसा स्टेशन पर रुकेंगी। रेलवे का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
यात्रियों को पहले से योजना बनाने की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के रूट, समय और ठहराव की जानकारी अवश्य जांच लें। ब्लॉक अवधि में कुछ ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में भी परिवर्तन संभव है।
अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र की रेल संरचना को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और यात्रियों को बेहतर रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।








