Gautam Gambhir की मुश्किलें बढ़ीं: रॉबिन उथप्पा ने दी BCCI को स्प्लिट-कोचिंग की सलाह

Gautam Gambhir की मुश्किलें बढ़ीं: रॉबिन उथप्पा ने दी BCCI को स्प्लिट-कोचिंग की सलाह

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर एक बार फिर चर्चा में हैं। अपने छोटे कोचिंग कार्यकाल में उन्होंने भारत को एक ICC ट्रॉफी और एशिया कप 2025 का खिताब जिताया है, लेकिन हालिया प्रदर्शन ने उनकी कोचिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर इस समय आलोचनाओं के घेरे में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में भारत की हार के बाद गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि गंभीर ने अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में भारत को आईसीसी ट्रॉफी और एशिया कप 2025 का खिताब जिताया है, लेकिन हालिया हार ने उन्हें निशाने पर ला दिया।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी और सुझाव दिया कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच होने चाहिए। उथप्पा का मानना है कि वर्तमान में टीम बहुत अधिक क्रिकेट खेलती है, जिससे एक ही कोच के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट पर बराबर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है।

रॉबिन उथप्पा ने कोचिंग पर उठाए सवाल

अपने यूट्यूब चैनल पर उथप्पा ने कहा, "एक केक को काटने के कई तरीके होते हैं। मैं पूरी तरह तैयार हूं कि अलग-अलग फॉर्मेट के लिए कई कोच हों। भारत बहुत ज्यादा क्रिकेट खेलता है। जब आप एक फॉर्मेट से दूसरे फॉर्मेट में जाते हैं, तो ऐसा लगता है कि दिमाग भी थक जाता है। कभी-कभी आप इतने व्यस्त हो जाते हैं कि एक समय में एक फॉर्मेट से निपटते हुए दूसरे फॉर्मेट की तैयारी ठीक से नहीं हो पाती। इसलिए अलग-अलग कोच होना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।

उथप्पा ने यह भी कहा कि टीम की एकजुटता बनाए रखना इस तरह के फैसले में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर अलग-अलग कोच एक-दूसरे के खिलाफ काम करेंगे, तो टीम को नुकसान होगा। इसलिए यह जरूरी है कि सभी कोच मिलकर तालमेल के साथ काम करें और स्पष्ट कम्युनिकेशन लाइनें हमेशा खुली रहें।

डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट सिस्टम का समर्थन

पूर्व क्रिकेटर ने डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की प्रणाली का समर्थन भी किया। उनके अनुसार, अगर स्काउट्स अपनी रिपोर्ट डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट को दें और फिर डायरेक्टर और कोच मिलकर फैसले लें, तो टीम रणनीति बेहतर तरीके से तैयार की जा सकती है। यह कोई आसान फैसला नहीं है। सभी को एक साथ बैठकर और सहयोग के साथ काम करना होगा। कम्युनिकेशन लाइनें हमेशा खुली रहनी चाहिए और यह तय होना चाहिए कि कब कौन लीड लेगा और कब पीछे रहेगा। यह संभव है, लेकिन इसके लिए सोच और प्लानिंग बड़ी होनी चाहिए," उन्होंने कहा।

गौतम गंभीर ने भारतीय टीम को कई बड़े टूर्नामेंट में विजेता बनाया है, लेकिन लगातार हार और आलोचना उनके कार्यकाल पर सवाल उठा रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत की हार ने उनकी स्थिति और चुनौतीपूर्ण बना दी है। फैंस और क्रिकेट विश्लेषक गंभीर से अपेक्षा रखते हैं कि टीम को नई रणनीति और फॉर्मेट के अनुसार तैयार किया जाए।

पूर्व खिलाड़ियों के सुझावों के बीच BCCI पर दबाव बढ़ रहा है कि वह गंभीर की कोचिंग और टीम की संरचना पर विचार करे। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि स्प्लिट-कोचिंग मॉडल टीम की दक्षता बढ़ा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब भारत विश्व क्रिकेट में हर फॉर्मेट में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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