असदुद्दीन ओवैसी ने AIMIM और BJP के गठबंधन की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। महाराष्ट्र में पार्टी ने नगर निकाय चुनावों में मजबूत प्रदर्शन किया और वैचारिक अलग राह पर कायम रहने का संदेश दिया।
Mumbai Politics: महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM को मिली बड़ी सफलता के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर थी कि क्या AIMIM अब भारतीय जनता पार्टी के साथ किसी तरह का गठबंधन कर सकती है। इन तमाम अटकलों पर पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने खुद सामने आकर पूरी तरह Full Stop लगा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि AIMIM और BJP के रास्ते कभी एक नहीं हो सकते और दोनों की राजनीति की दिशा बिल्कुल अलग है।
ओवैसी ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र में नगर परिषदों और नगर निगम चुनावों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस जीत के बाद यह सवाल उठने लगा था कि स्थानीय स्तर पर सत्ता की राजनीति में AIMIM क्या कोई नया समीकरण बनाएगी।
ओवैसी का वैचारिक संदेश
ANI को दिए एक विशेष इंटरव्यू में असदुद्दीन ओवैसी ने BJP के साथ गठबंधन की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए एक मजबूत उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे समुद्र के दो किनारे कभी आपस में नहीं मिल सकते, वैसे ही AIMIM और BJP का मिलना संभव नहीं है।
ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का वैचारिक आधार और राजनीति का उद्देश्य BJP से बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि AIMIM सत्ता के लिए अपने मूल सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी। उनके अनुसार, राजनीति केवल सीटों का खेल नहीं है, बल्कि यह विचारधारा और जनता की उम्मीदों से जुड़ा मामला है।
अकोट विवाद का जिक्र
ओवैसी ने इंटरव्यू में महाराष्ट्र के अकोट नगर निकाय से जुड़ी हालिया घटना का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अकोट में AIMIM के पांच पार्षद चुनाव जीतकर आए थे, लेकिन बाद में यह जानकारी सामने आई कि वे एक ऐसे समूह में शामिल हो गए हैं जिसका संबंध BJP से था।
ओवैसी के अनुसार, पार्टी ने इन पार्षदों को पहले ही स्पष्ट चेतावनी दी थी कि किसी भी हाल में BJP या उससे जुड़े किसी भी राजनीतिक समूह के साथ जाने की इजाजत नहीं है। शुरुआत में पार्षदों ने सफाई दी कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस समूह में वे शामिल हुए हैं, उसका सीधा संबंध BJP से है।
समर्थन वापस लेने का निर्देश
ओवैसी ने बताया कि जैसे ही यह मामला सामने आया, पार्टी ने तुरंत हस्तक्षेप किया। AIMIM नेतृत्व ने पार्षदों को नगर आयुक्त को पत्र लिखकर अपना समर्थन वापस लेने का निर्देश दिया। इसके बाद जब यह साफ हुआ कि एक BJP नेता के बेटे को सह-विकल्प के जरिए उस समूह में शामिल किया गया है, तो पार्टी ने और कड़ा कदम उठाया।

AIMIM के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया। ओवैसी ने साफ कहा कि पार्टी अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
गठबंधन करने वालों के खिलाफ सख्त नीति
ओवैसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि चाहे मामला BJP का हो, एकनाथ शिंदे का हो या अजीत पवार का, अगर AIMIM का कोई भी सदस्य इन दलों के साथ जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि AIMIM सिर्फ चुनाव जीतने की मशीन नहीं है, बल्कि एक वैचारिक पार्टी है। ऐसे में जो भी पार्टी लाइन के खिलाफ जाएगा, उसके लिए संगठन में कोई जगह नहीं होगी। यह संदेश सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए है।
महाराष्ट्र में AIMIM की बढ़ती ताकत
ओवैसी ने महाराष्ट्र में अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि हालिया नगर परिषद चुनावों में AIMIM ने 125 सीटें जीती हैं। इसके अलावा लगभग एक महीने पहले हुए नगर निगम चुनावों में पार्टी के करीब 85 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।
उन्होंने कहा कि अगर नगर परिषदों और नगर निगमों को मिलाकर देखा जाए, तो पूरे राज्य में AIMIM के 200 से ज्यादा पार्षद चुने जा चुके हैं। यह आंकड़ा पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि है और यह दिखाता है कि AIMIM जमीनी स्तर पर लगातार मजबूत हो रही है।
ओवैसी का दावा
ओवैसी ने कहा कि अगर कोई पार्टी चुनाव नहीं जीत पा रही है, तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए। उनके मुताबिक AIMIM की सफलता का सबसे बड़ा कारण वर्षों से किया गया जमीनी काम है। पार्टी लगातार स्थानीय मुद्दों पर जनता के बीच रही है और यही वजह है कि लोगों का भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में AIMIM ने पिछले चुनावों की तुलना में इस बार ज्यादा सीटें जीती हैं। यहां तक कि बृहन्मुंबई नगर निगम जैसे बड़े चुनाव में भी पार्टी ने आठ सीटें हासिल कीं, जो उसके बढ़ते प्रभाव को दिखाता है।












