विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘रिमूवल नोटिस’ लाने की तैयारी कर रहे हैं। INDIA गठबंधन की बैठक में इस पर चर्चा हुई और सूत्रों के अनुसार इसे जल्द ही संसद में पेश किया जा सकता है।
New Delhi: भारत की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। विपक्षी दल अब मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner – CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार विपक्षी दलों ने इसके लिए नोटिस का मसौदा तैयार कर लिया है और इसे इसी सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि विपक्ष पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए नोटिस के मुद्दे के निपटारे का इंतजार कर रहा है। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ‘रिमूवल नोटिस’ (Removal Notice) लाने की रणनीति बनाई जा रही है। अगर यह प्रस्ताव लाया जाता है तो यह एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जाएगा, क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पद के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई बेहद दुर्लभ होती है।
विपक्ष की रणनीति, संसद में बढ़ सकता है टकराव
सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर आपसी चर्चा शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह नोटिस राज्यसभा में पेश किया जा सकता है। इसके लिए कई विपक्षी दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि प्रस्ताव को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर यह नोटिस संसद में पेश होता है तो इससे सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है। पहले से ही कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस चल रही है। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव संसद के माहौल को और गर्म कर सकता है।
इंडिया गठबंधन की बैठक में उठा मुद्दा
सूत्रों के अनुसार यह मुद्दा सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में हुई विपक्षी दलों की बैठक में उठा। यह बैठक विपक्षी इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी।

बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। बताया गया कि TMC नेताओं ने चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
विपक्षी नेताओं ने इस दौरान कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दों पर चुनाव आयोग से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस लाने की मांग पर चर्चा शुरू हुई।
TMC ने रखी अपनी शिकायत
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में TMC सांसद शताब्दी रॉय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू’ (Special Intensive Review – SIR) को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण राज्य में कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि उन्होंने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी। लेकिन उनकी पार्टी का मानना है कि इस पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण TMC की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कदम उठाने की मांग की गई।
विपक्षी दलों के बीच बनी सहमति
सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल अब इस मुद्दे पर लगभग सहमत नजर आ रहे हैं। पहले इस प्रस्ताव को लेकर कुछ दलों के बीच मतभेद थे, लेकिन अब इस पर सहमति बनने की संभावना बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही संसद में नोटिस दाखिल किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह मामला संसद की कार्यवाही में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
पहले स्पीकर के खिलाफ भी आया था प्रस्ताव
इस पूरे घटनाक्रम की एक खास बात यह भी है कि हाल ही में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ भी विपक्ष की ओर से ‘रिमूवल नोटिस’ लाया गया था। हालांकि उस समय TMC ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
फरवरी में बजट सत्र के पहले चरण के आखिरी दिनों में विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ संयुक्त प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी। लेकिन उस समय सभी दल पूरी तरह एकजुट नहीं हो पाए थे। दिलचस्प बात यह है कि अब वही TMC विपक्षी दलों के साथ मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस लाने की मांग कर रही है।










