Budget Session 2026: संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, अखिलेश यादव ने सरकार से मांगी 7 अहम मुद्दों पर चर्चा

Budget Session 2026: संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, अखिलेश यादव ने सरकार से मांगी 7 अहम मुद्दों पर चर्चा

अखिलेश यादव ने बजट सत्र 2026 में सरकार से सात प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की मांग की। इसमें युद्धकालीन नीति, तेल आपूर्ति, विदेश नीति, नागरिक सुरक्षा, पत्रकार सुरक्षा और राष्ट्रीय हित शामिल हैं। विपक्ष ने संसद में जोरदार प्रदर्शन किया।

Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से सात महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की मांग की है। यह मांग संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन और हंगामे के बीच सामने आई। अखिलेश यादव ने इसे लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी पोस्ट साझा की।

संसद में विपक्ष का प्रदर्शन

सोमवार 9 मार्च को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने पश्चिम एशिया संघर्ष और उससे जुड़ी चुनौतियों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में सांसदों ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण की मांग की। प्रदर्शन के दौरान संसद परिसर में हंगामा भी देखने को मिला।

अखिलेश यादव ने एक्स पर साझा किया पोस्ट

प्रदर्शन के बाद अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि संसद के बजट सत्र के अंतराल के दौरान चर्चा के लिए विषय अलग थे, लेकिन वर्तमान युद्धकालीन परिस्थितियों में विपक्ष की प्राथमिकता बदल गई है। उन्होंने सात मुख्य मुद्दों को उजागर किया, जिन्हें सरकार के समक्ष तुरंत उठाने की आवश्यकता है।

विपक्ष की सात प्राथमिकताएँ

अखिलेश यादव ने पोस्ट में स्पष्ट किया कि वर्तमान संकट और युद्धकालीन हालात में संसद में निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा होना आवश्यक है।

  1. युद्ध के संदर्भ में देश का पक्ष और राय – विपक्ष चाहता है कि संसद में स्पष्ट किया जाए कि भारत युद्ध के मुद्दे पर किस पक्ष में है और हमारी नीति क्या है।
  2. विदेश नीति और संप्रभुता का सवाल – देश की विदेश नीति पर किसी अन्य देश का दबाव नहीं होना चाहिए। विदेश नीति को स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संसद में चर्चा जरूरी है।
  3. तेल जैसी आवश्यक आपूर्ति पर नियंत्रण – अमेरिकी आदेश के अनुसार तेल खरीदने की बजाय भारत को अपनी जरूरतों और आत्मनिर्णय के आधार पर निर्णय लेने की आज़ादी हो।
  4. सुरक्षा और संरक्षण – युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने का मुद्दा। संसद में इसे प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
  5. मीडिया और पत्रकारों की सुरक्षा – युद्ध के कारण कुछ पत्रकार और मीडियाकर्मी विदेश में फंसे हुए हैं। विपक्ष चाहता है कि सरकार उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।
  6. आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और नियंत्रण – युद्ध के कारण जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में व्यवधान और कीमतों में वृद्धि हो रही है। इसे नियंत्रित करने के उपाय संसद में उठाए जाने चाहिए।
  7. देश की आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय हित – युद्ध और वैश्विक दबाव के बीच भारत की आत्मनिर्भरता और संप्रभुता पर असर न पड़े, इसके लिए नीतिगत चर्चा आवश्यक है।

अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्तमान में अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत किससे तेल खरीदे। यह देश की स्वतंत्र विदेश नीति पर असर डालता है। उन्होंने कहा कि संसद में इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

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