राज्यसभा चुनाव 2026 में 10 राज्यों की 37 सीटों में से 26 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं Bihar, Haryana और Odisha की 11 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा, जहां मुकाबला रोचक माना जा रहा है।
New Delhi: देश में राज्यसभा चुनाव को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। इस बार 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। इनमें से 7 राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि बाकी 11 सीटों पर मुकाबला तय माना जा रहा है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इन सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान होगा। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 10 मार्च तय की गई थी। इसके बाद साफ हो गया कि तीन राज्यों में सीटों की संख्या से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए वहां चुनाव होना तय है।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है। इन राज्यों में पार्टियों के बीच रणनीति और समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
किन राज्यों में हो रहे हैं राज्यसभा चुनाव
इस बार जिन राज्यों की राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है उनमें पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, असम, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
इन 10 राज्यों में कुल 37 सीटों के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन नामांकन और समर्थन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद 7 राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए।
इसका मतलब है कि इन सीटों पर किसी तरह का मतदान नहीं होगा और उम्मीदवार सीधे राज्यसभा के सदस्य बन जाएंगे। हालांकि बाकी तीन राज्यों में स्थिति अलग है। वहां सीटों की तुलना में उम्मीदवार ज्यादा हैं, इसलिए वहां वोटिंग के जरिए फैसला होगा।
तीन राज्यों की 11 सीटों पर होगा मुकाबला
बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राज्यसभा की कुल 11 सीटों के लिए चुनाव होना है। इन राज्यों में राजनीतिक दलों के बीच समीकरण और रणनीति काफी अहम हो गई है। अगर नाम वापस लेने की प्रक्रिया के बाद भी उम्मीदवार मैदान में बने रहते हैं तो 16 मार्च को मतदान के जरिए विजेता तय होंगे। इन तीनों राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियां हैं और यही वजह है कि मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है।
भाजपा ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक

इन राज्यों में चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। इन राज्यों में क्रॉस वोटिंग या राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना को देखते हुए सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं।
ओडिशा की चार सीटों पर पांच उम्मीदवार
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। इससे यहां चुनाव होना तय माना जा रहा है। भाजपा ने यहां मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा पार्टी ने दिलीप रे को भी समर्थन दिया है। वहीं बीजू जनता दल (BJD) की ओर से संतृप्त मिश्रा को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने डॉ. दत्तेश्वर मिश्रा को समर्थन दिया है।
राजनीतिक गणित के अनुसार भाजपा के दो उम्मीदवारों और बीजेडी के एक उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन चौथी सीट के लिए मुकाबला दिलीप रे और दत्तेश्वर मिश्रा के बीच होने की संभावना है। इसी वजह से यह सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है।
बिहार में पांच सीटों पर कड़ा मुकाबला
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इससे यहां चुनाव की स्थिति बन गई है। भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नवीन और शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर को मैदान में उतारा है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से पांचवें उम्मीदवार के रूप में उपेंद्र कुशवाहा भी चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
बिहार की राजनीति में गठबंधन और संख्या बल का बड़ा महत्व होता है। ऐसे में यहां का चुनाव परिणाम विधायकों के समर्थन और राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेगा।
हरियाणा में भी दिलचस्प स्थिति
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इससे यहां भी मुकाबला तय माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से कर्मवीर बौद्ध चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है। खास बात यह है कि नांदल को भाजपा का समर्थन मिल रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और निर्दलीय सतीश नांदल के बीच मुकाबला हो सकता है।











