बिहार के गयाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मोबाइल फोन छूटने को लेकर एक महिला यात्री और विमान के क्रू मेंबर के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि कोलकाता जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को टेकऑफ से पहले रनवे की ओर से वापस पार्किंग एरिया में लाना पड़ा। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों की मदद से महिला यात्री को विमान से नीचे उतारा गया। घटना के कारण उड़ान संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। महिला को विमान से उतारने के बाद फ्लाइट कोलकाता के लिए रवाना हुई। घटना के बाद एयरलाइन की ओर से महिला के खिलाफ शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महिला यात्री की पहचान बेंगलुरु निवासी आशा राजेंद्रन कृष्णमूर्ति के रूप में हुई है। बताया गया कि उनका मोबाइल फोन एयरपोर्ट परिसर में ही छूट गया था। महिला बोर्डिंग और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद विमान में सवार हो चुकी थीं। इसी दौरान उन्हें मोबाइल फोन छूटने की जानकारी हुई और उन्होंने उसे वापस मंगाने की बात कही। विमानकर्मियों ने उड़ान की तैयारी और संचालन से जुड़ी परिस्थितियों के कारण तत्काल फोन लाकर देने में असमर्थता जताई। इसी बात को लेकर महिला और क्रू मेंबर के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि शुरुआत में मोबाइल फोन वापस लेने को लेकर हुई बातचीत धीरे-धीरे तीखी बहस में बदल गई। महिला विमान के भीतर ही क्रू मेंबर से उलझ गईं। स्थिति बिगड़ने पर पायलट को हस्तक्षेप करना पड़ा। जब विवाद को शांत नहीं किया जा सका, तो पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी को इसकी सूचना दी। इसके बाद विमान को आगे बढ़ने से रोककर वापस पार्किंग क्षेत्र में लाने का निर्णय लिया गया। इस तरह एक मोबाइल फोन को लेकर शुरू हुआ विवाद पूरी उड़ान के संचालन को प्रभावित करने की वजह बन गया।
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो का विमान दिल्ली से गयाजी पहुंचा था और वहां से यात्रियों को लेकर कोलकाता जाने वाला था। यात्रियों के विमान में सवार होने और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विमान प्रस्थान की तैयारी में आगे बढ़ा। इसी दौरान मोबाइल फोन को लेकर विवाद बढ़ गया। विमान रनवे की ओर जा रहा था और उड़ान भरने की तैयारी में था, लेकिन स्थिति को देखते हुए पायलट ने एटीसी को जानकारी दी। विमान को वापस पार्किंग एरिया में लाया गया, ताकि संबंधित यात्री को उतारने और जरूरी सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जा सके। विमान को वापस लाने के बाद सुरक्षा कर्मियों की मदद से महिला यात्री को नीचे उतारा गया। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि महिला विमान की सीट संख्या 17सी पर बैठी थीं। उन्हें उतारने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फ्लाइट को कोलकाता के लिए रवाना किया गया। घटना के दौरान विमान में मौजूद अन्य यात्रियों को भी इंतजार करना पड़ा होगा, हालांकि उड़ान में हुई देरी की सटीक अवधि की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस तरह मोबाइल फोन वापस लेने को लेकर हुआ विवाद हवाई यात्रा के सामान्य संचालन में बाधा का कारण बना।
महिला यात्री को विमान से उतारे जाने के बाद एयरलाइन और सुरक्षा एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई की। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पहले उन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के हवाले किया गया और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मगध मेडिकल थाना पुलिस को सौंप दिया गया। इंडिगो के स्टेशन मैनेजर विश्व रंजन राणा की ओर से महिला के खिलाफ लिखित शिकायत दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस को घटना के संबंध में शिकायत मिली है और मामले में पूछताछ तथा जांच की प्रक्रिया चल रही है
रिपोर्टों के मुताबिक, महिला यात्री ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ऐसे में घटना के दोनों पक्षों की बात और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विवाद के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसे लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। किसी शिकायत या आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं है। पुलिस की जांच का उद्देश्य घटना के क्रम, विवाद की वजह और संबंधित पक्षों की भूमिका को स्पष्ट करना होगा।
इस घटना ने एयरपोर्ट पर छूटे सामान को वापस पाने की प्रक्रिया और उड़ान के समय यात्रियों की जिम्मेदारियों पर भी ध्यान खींचा है। यात्रा के दौरान मोबाइल फोन, पहचान पत्र, टिकट और अन्य जरूरी सामान की जांच कर लेना यात्रियों के लिए उपयोगी होता है। यदि कोई वस्तु एयरपोर्ट टर्मिनल या सुरक्षा जांच वाले क्षेत्र में छूट जाती है, तो उसे वापस पाने के लिए संबंधित एयरपोर्ट के सहायता काउंटर या खोया-पाया विभाग से संपर्क किया जा सकता है। विमान में सवार होने के बाद क्रू मेंबर से अनुरोध किया जा सकता है, लेकिन उड़ान की सुरक्षा और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण हर अनुरोध तत्काल पूरा कर पाना संभव नहीं होता।
विमान के उड़ान भरने से पहले पायलट और क्रू मेंबर यात्रियों की सुरक्षा तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हैं। यदि विमान के भीतर कोई ऐसी स्थिति पैदा होती है जिससे संचालन या सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका हो, तो पायलट संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक कदम उठा सकता है। गयाजी एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में भी विवाद बढ़ने के बाद विमान को वापस लाने और महिला यात्री को उतारने का फैसला लिया गया। इसके बाद उड़ान को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।
गयाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बिहार के गया और बोधगया आने-जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां से घरेलू उड़ानों के अलावा धार्मिक पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से जुड़े यात्री भी सफर करते हैं। ऐसे में विमान संचालन से जुड़ी किसी भी घटना का असर यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि इस मामले में कितने यात्रियों को कितनी देर तक इंतजार करना पड़ा, इसकी पुष्टि करने वाला कोई विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
फिलहाल गयाजी एयरपोर्ट पर मोबाइल फोन छूटने के बाद शुरू हुआ विवाद, विमान का वापस पार्किंग क्षेत्र में आना और महिला यात्री को नीचे उतारना इस घटना के मुख्य पहलू हैं। एयरलाइन की शिकायत और महिला की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद के सभी पहलुओं और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










