सोमवार की जोरदार तेजी के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में हल्की कमजोरी देखने को मिल सकती है। सुबह करीब 7:15 बजे गिफ्ट निफ्टी 72 अंक यानी 0.30% गिरकर 24,055 पर कारोबार करता दिखा, जिससे बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई तेज़ बढ़त के बाद मंगलवार के कारोबारी सत्र में मुनाफावसूली और हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। सुबह के शुरुआती कारोबार में Gift Nifty लगभग 72 अंकों की कमजोरी के साथ 24,055 के आसपास कारोबार करता दिखा, जिससे घरेलू बाजारों में दबाव की संभावना बढ़ गई है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, रुपये में स्थिरता बनी रहती है और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी आती है, तो भारतीय बाजार मध्यम अवधि में फिर से मजबूती पकड़ सकते हैं।
भारतीय बाजार पर वैश्विक संकेतों का असर
वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंताएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। इसके साथ ही पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रम निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निकट अवधि में निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,200 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। यदि सकारात्मक वैश्विक संकेत मिलते हैं, तो निफ्टी इस स्तर को पार कर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।
आज इन कंपनियों के Q4 नतीजों पर रहेगी नजर
मंगलवार को कई बड़ी कंपनियां अपनी चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय नतीजे जारी करेंगी। इन नतीजों का असर संबंधित शेयरों के साथ-साथ पूरे बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। जिन प्रमुख कंपनियों के परिणाम आने वाले हैं उनमें
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC), Siemens, Brainbees Solutions (FirstCry), AstraZeneca Pharma India, Gujarat Fluorochemicals, Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC), JK Tyre & Industries, Procter & Gamble Health और Senco Gold शामिल हैं।
निवेशक इन कंपनियों के मुनाफे, राजस्व वृद्धि, मार्जिन और भविष्य की कारोबारी रणनीतियों पर विशेष ध्यान देंगे।

Container Corporation of India के नतीजे कमजोर
Container Corporation of India ने चौथी तिमाही में मुनाफे में गिरावट दर्ज की। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर लगभग 12 प्रतिशत घटकर 262.7 करोड़ रुपये रहा। वहीं, राजस्व में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। कमजोर प्रदर्शन के पीछे लॉजिस्टिक्स लागत और परिचालन चुनौतियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
बैटरी और ऊर्जा समाधान क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Amara Raja Energy & Mobility ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए। कंपनी का मुनाफा लगभग दोगुना होकर 314 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी के राजस्व में भी 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा भंडारण समाधान की बढ़ती मांग का लाभ कंपनी को मिलता दिखाई दे रहा है।
Aditya Birla Fashion and Retail का घाटा बढ़ा
फैशन और लाइफस्टाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Aditya Birla Fashion and Retail को चौथी तिमाही में बढ़े हुए घाटे का सामना करना पड़ा। हालांकि कंपनी के राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा का असर लाभप्रदता पर पड़ा। निवेशक अब कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं और लागत नियंत्रण रणनीति पर नजर रखेंगे।
ऊर्जा अवसंरचना क्षेत्र में काम करने वाली Hitachi Energy India ने शानदार तिमाही प्रदर्शन किया। कंपनी का मुनाफा करीब 80 प्रतिशत बढ़ा, जबकि राजस्व में भी मजबूत उछाल दर्ज किया गया। भारत में बिजली अवसंरचना और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में बढ़ते निवेश का लाभ कंपनी को मिल रहा है।
RVNL और Suzlon Energy फोकस में
रेलवे क्षेत्र की कंपनी RVNL का मुनाफा चौथी तिमाही में लगभग 59 प्रतिशत घट गया, हालांकि कंपनी के राजस्व में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। कमजोर लाभप्रदता के कारण शेयर में दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Suzlon Energy का शुद्ध लाभ हल्का घटा, लेकिन कंपनी का राजस्व 45 प्रतिशत बढ़ा। यह संकेत देता है कि भारत में विंड एनर्जी सेक्टर में मांग मजबूत बनी हुई है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की ऑर्डर बुक और भविष्य की परियोजनाओं पर रहेगी।
Indian Railway Finance Corporation (IRFC) ने हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना के लिए 13,527 करोड़ रुपये के ऋण पुनर्वित्त समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम कंपनी के लिए रेलवे फाइनेंसिंग से आगे बढ़कर शहरी परिवहन अवसंरचना क्षेत्र में विस्तार का संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे IRFC के लिए भविष्य में नए राजस्व अवसर खुल सकते हैं।
Hindalco Industries ने संकेत दिया है कि आने वाली तिमाहियों में कच्चे माल की लागत में और वृद्धि हो सकती है। वैश्विक सप्लाई चेन बाधाओं और बढ़ती ईंधन कीमतों का असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, डिजिटल भुगतान कंपनी Paytm ने अपनी यूरोपीय इकाई में निवेश बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी का यह कदम वैश्विक डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।











