गिरिडीह में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे एक छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृत छात्र की पहचान 22 वर्षीय सौरव राज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र के पगवारा गांव का रहने वाला था। सौरव पिछले करीब एक वर्ष से गिरिडीह के शीतलपुर इलाके में किराए के मकान में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। मंगलवार की रात उसके कमरे में फंदे से लटका मिलने के बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सौरव के दोस्तों और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि मंगलवार की रात करीब 9:10 बजे मकान मालिक की बेटी ने सौरव के एक दोस्त को फोन कर उसके कमरे में फांसी लगाने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही उसका दोस्त तुरंत मौके पर पहुंचा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसके बाद खिड़की तोड़कर अंदर जाने का प्रयास किया गया। इसके बाद किसी तरह कमरे में पहुंचकर सौरव को फंदे से नीचे उतारा गया।
सौरव को गंभीर हालत में तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया। परिजनों और दोस्तों को उम्मीद थी कि शायद समय रहते उसकी जान बचाई जा सकेगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी परिवार के लोगों को दी गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही दुमका में रहने वाले परिजनों के बीच मातम छा गया और वे रात में ही गिरिडीह के लिए रवाना हो गए।
सौरव के पिता विनय कुमार दास दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र के पगवारा गांव के रहने वाले हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद जब परिवार के लोग गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां प्रतीक्षालय कक्ष में स्ट्रेचर पर सौरव का शव पड़ा मिला। जवान बेटे की इस तरह मौत की खबर से परिवार के लोग पूरी तरह टूट गए। अस्पताल परिसर में परिजनों के रोने और चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया।
पुलिस ने घटना के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद बुधवार की सुबह मृतक के पिता गिरिडीह नगर थाना पहुंचे और पुलिस को अपना बयान दिया। पुलिस ने पिता के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्र ने आखिर इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
सौरव पिछले लगभग एक साल से गिरिडीह में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र की अचानक हुई मौत से उसके सहपाठी और परिचित भी सदमे में हैं। पुलिस अब उसके दोस्तों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से पहले उसकी गतिविधियों और परिस्थितियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।
जांच के दौरान छात्र की कलाई पर कटे का निशान भी देखे जाने की बात सामने आई है। हालांकि यह निशान किन परिस्थितियों में आया और इसका घटना से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस इस पहलू को भी अपनी जांच में शामिल कर रही है। अधिकारी बिना जांच पूरी हुए आत्महत्या के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं।
घटना से पहले सौरव की किन लोगों से बातचीत हुई थी, उसने किसी से अपनी परेशानी साझा की थी या नहीं और उसके व्यवहार में हाल के दिनों में कोई बदलाव आया था या नहीं, इन सभी सवालों के जवाब पुलिस तलाश रही है। पुलिस छात्र के मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर भी घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर सकती है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना से पहले आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी, जिसके बाद सौरव ने यह कदम उठाया।
घटना की सूचना जिस लड़की ने सौरव के दोस्त को फोन करके दी थी, पुलिस उसके बारे में भी जानकारी जुटा रही है। उसका छात्र से किस तरह का संपर्क था और उसे घटना की जानकारी कैसे मिली, यह भी जांच का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
परिवार की ओर से भी घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। परिजन यह जानने की कोशिश में हैं कि उनका बेटा आखिर किस परेशानी से गुजर रहा था। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुमका से गिरिडीह पढ़ाई करने आए सौरव की अचानक मौत ने उसके परिवार को गहरा सदमा दिया है। जिस उम्र में वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, उसी उम्र में उसकी मौत की खबर से परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छात्र ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।










