26 अप्रैल को सोने-चांदी की कीमतें स्थिर रहीं। 24 कैरेट सोना ₹15,404 और 22 कैरेट ₹14,120 प्रति ग्राम रहा, जबकि चांदी ₹2,60,000 प्रति किलो पर टिकी रही। अगले हफ्ते बाजार का रुख मिलाजुला रहने की उम्मीद है।
बिजनेस: 26 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों दोनों को फिलहाल राहत मिली है।
24 कैरेट सोने की कीमत
आज 24 कैरेट सोना, जिसे सबसे शुद्ध माना जाता है, 15,404 रुपये प्रति ग्राम पर स्थिर बना हुआ है। 8 ग्राम सोने की कीमत 1,23,232 रुपये है, जबकि 10 ग्राम के लिए 1,54,040 रुपये चुकाने होंगे। थोक बाजार में 100 ग्राम सोने का भाव 15,40,400 रुपये है। यह सोना मुख्य रूप से निवेश के उद्देश्य से खरीदा जाता है।
22 कैरेट सोने का रेट
गहनों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना भी स्थिर बना हुआ है। इसकी कीमत 14,120 रुपये प्रति ग्राम है। 8 ग्राम के लिए 1,12,960 रुपये और 10 ग्राम के लिए 1,41,200 रुपये खर्च करने होंगे। 100 ग्राम का भाव 14,12,000 रुपये है। इसकी मजबूती और टिकाऊपन इसे ज्वेलरी के लिए लोकप्रिय बनाते हैं।
18 कैरेट सोने का भाव
18 कैरेट सोना, जो आमतौर पर डिजाइनर ज्वेलरी में उपयोग होता है, 11,553 रुपये प्रति ग्राम पर स्थिर है। 8 ग्राम की कीमत 92,424 रुपये और 10 ग्राम की कीमत 1,15,530 रुपये है। 100 ग्राम के लिए इसका रेट 11,55,300 रुपये है। इसकी कीमत कम होने के कारण यह युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है।

चांदी की कीमत
आज चांदी की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। 1 ग्राम चांदी 260 रुपये में मिल रही है, जबकि 10 ग्राम की कीमत 2,600 रुपये है। 100 ग्राम चांदी के लिए 26,000 रुपये और 1 किलोग्राम के लिए 2,60,000 रुपये चुकाने होंगे। चांदी का उपयोग निवेश के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से किया जाता है।
वैश्विक कारकों का असर
सोने और चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक महंगाई को बढ़ाती हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ता है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बदलाव भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। भू-राजनीतिक तनाव, जैसे अमेरिका और ईरान के बीच संबंध, भी सोने की मांग को बढ़ा सकते हैं क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
अगले सप्ताह का अनुमान
विशेषज्ञों के अनुसार, 27 अप्रैल से 2 मई के बीच सोने की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल सकता है। एक ओर बढ़ती महंगाई और वैश्विक तनाव कीमतों को सहारा दे सकते हैं, वहीं दूसरी ओर यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची बनाए रखता है, तो डॉलर मजबूत होगा, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।










