सस्ते USDT का झांसा देकर ठगी, नीमकाथाना में 3 साइबर अपराधी गिरफ्तार

नीमकाथाना में ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत 3 साइबर ठग गिरफ्तार। USDT और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर कई राज्यों में ठगी, पुलिस जांच में बड़े खुलासे।

Neem Ka Thana में पुलिस ने ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, जो USDT और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर कई राज्यों में लोगों से ठगी कर रहे थे।

पाटन पुलिस:डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड के मामले में Neem Ka Thana के पाटन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। 26 अप्रैल 2026 को सामने आए इस मामले में आरोपी सस्ते USDT (डिजिटल करेंसी) और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लोगों से पैसे ठगते थे। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और बिहार समेत कई राज्यों में सक्रिय था।

पाटन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार

राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पाटन थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो देश के कई राज्यों में लोगों को निशाना बना रहे थे।

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। शुरुआती पूछताछ में उन्होंने कई वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है और अब उनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।

USDT और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को बनाते थे शिकार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु, अंकित चौधरी और राकेश मीणा के रूप में हुई है। ये लोग कम कीमत पर Tether (USDT) दिलाने का लालच देकर लोगों को फंसाते थे और फिर अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठते थे।

इसके अलावा, आरोपी ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे डर पैदा करने वाले तरीकों का इस्तेमाल करते थे। फर्जी मैसेज और कॉल के जरिए लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि वे किसी कानूनी कार्रवाई में फंस गए हैं, जिससे घबराकर पीड़ित पैसे ट्रांसफर कर देते थे।

चार राज्यों तक फैला नेटवर्क, लाखों की ठगी

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और बिहार तक फैला हुआ था। आरोपियों ने करीब 2.2 लाख रुपये की ठगी अलग-अलग बैंक खातों के जरिए की, जिनमें ‘म्यूल अकाउंट’ का इस्तेमाल किया गया।

फिलहाल पुलिस अन्य सहयोगियों और इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस तरह के साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

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