मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है।
बिजनेस न्यूज़: भारत में मंगलवार, 26 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी के कारण कीमती धातुओं की कीमतों पर असर पड़ा है। जहां सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई, वहीं चांदी के भाव में मामूली गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि के कारण सोना लगातार मजबूत बना हुआ है। दूसरी ओर, औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल के चलते चांदी की कीमतों में सीमित कमजोरी देखने को मिल रही है।
आज का सोने का भाव
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग दर्ज किए गए। दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और गुरुग्राम जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए 1.59 लाख रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच गया।
- दिल्ली- ₹1,59,530
- मुंबई - ₹1,59,380
- कोलकाता - ₹1,59,380
- चेन्नई - ₹1,61,240
- पटना - ₹1,59,430
- लखनऊ - ₹1,59,530
- जयपुर - ₹1,59,530
- गुवाहाटी - ₹1,59,380
- इंदौर - ₹1,59,430
आज का चांदी का भाव

चांदी की कीमतों में आज हल्की नरमी देखने को मिली। हालांकि, कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सहित अधिकांश शहरों में 1 किलो चांदी का भाव 28.5 लाख रुपये के करीब दर्ज किया गया।
- दिल्ली - ₹28,500
- मुंबई - ₹28,500
- कोलकाता - ₹28,500
- चेन्नई - ₹29,000
- लखनऊ - ₹28,500
- जयपुर - ₹28,500
- अहमदाबाद - ₹28,500
क्यों बढ़ रही हैं सोने और चांदी की कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है।
भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोरी देखी जा रही है। चूंकि भारत सोने का बड़ा आयातक है, इसलिए डॉलर महंगा होने से सोने की आयात लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।











