भागलपुर-गोनुधाम तरडीहा में सरस राम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। धार्मिक माहौल के बीच पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था की धारा बहती नजर आई। कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और चारों ओर “जय श्रीराम” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
कथा के पहले दिन कथावाचक ने भगवान श्रीराम के बालकांड से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। विशेष रूप से शिव-सती प्रसंग को बड़ी भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के दौरान भगवान शिव और माता सती के संवाद और उनके आध्यात्मिक महत्व को सरल भाषा में समझाया गया।
कथावाचक ने बताया कि शिव-सती प्रसंग हमें भक्ति, विश्वास और मर्यादा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण ही जीवन को सफल बनाता है। इस प्रसंग के माध्यम से श्रोताओं को धर्म और संस्कारों के महत्व के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी भक्ति में लीन नजर आए। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिससे माहौल और अधिक आध्यात्मिक हो गया।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पानी और प्रसाद की व्यवस्था की है, ताकि किसी को असुविधा न हो। साथ ही सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी सक्रिय है।
कथा का आयोजन कई दिनों तक चलेगा, जिसमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। श्रद्धालुओं में इस धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, गोनुधाम तरडीहा में शुरू हुई राम कथा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा का आनंद ले रहे हैं।










