गोरखनाथ खिचड़ी मेले में स्वास्थ्य व सुरक्षा की चुनौती: अस्थायी अस्पताल और एम्बुलेंस की तैनाती

गोरखनाथ खिचड़ी मेले में स्वास्थ्य व सुरक्षा की चुनौती: अस्थायी अस्पताल और एम्बुलेंस की तैनाती

गोरखनाथ खिचड़ी मेला के लिए तैयारी जोरों पर है। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए — मेडिकल-सेवा, स्वास्थ्य आपात स्थिति और भीड़ प्रबंधन के मद्देनज़र — कई अहम इंतजाम किए जा रहे हैं।

मेले की अवधि में एक अस्थायी चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा, जहाँ मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। इसके अलावा, मेले में एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तीव्र प्रतिक्रिया संभव हो।

स्थानीय प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि निकट के सरकारी व निजी अस्पतालों में आवश्यक बिस्तर (बेड) रिज़र्व रखे जाएँ, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।

भीड़-प्रबंध, पार्किंग, शौचालय, पार्किंग स्थल, मार्ग-निर्देश (साइन बोर्ड), सुरक्षा व्यवस्था एवं सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाओं का भी प्रबंध किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा, दर्शन एवं सेवा-व्यवस्था सुचारू हो सके।

अधिकारियों ने तय किया है कि मेले से जुड़ी सभी तैयारियाँ एक निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएँगी, ताकि आयोजन में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।

गोरखनाथ खिचड़ी मेला सदियों पुरानी परंपरा है, जिसमें श्रद्धालु-जनों का आस्था-सागर उमड़ता है। ऐसे आयोजन जहां लाखों लोग एकत्रित होते हैं — वहाँ स्वास्थ्य, सफाई, व्यवस्था और सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था अनिवार्य होती है।

इस बार के मेले में — अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस, अस्पताल रिज़र्व बेड, सीसीटीवी व अन्य आधुनिक प्रबंध — ये साबित करते हैं कि किस तरह पारंपरिक आस्था-अनुष्ठान और आधुनिक प्रशासनिक तैयारी मिलकर तीर्थयात्रियों की सेवा व सुविधा सुनिश्चित कर सकते हैं।

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