गोरखपुर में जिला मजिस्ट्रेट दीपक मीणा ने जिले के युवाओं के रोजगार और कौशल प्रशिक्षण की स्थिति का विस्तृत ब्योरा मांगा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी रोजगार न पा रहे युवाओं की सूची तैयार कर तुरंत उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार अवसरों से जोड़ा जा सके।
डीएम ने बैठक में कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य तभी पूरा होता है जब युवा न केवल कौशल सीखें बल्कि रोजगार या स्वरोजगार से जुड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े युवाओं को बैंक ऋण और अन्य सरकारी सहायता योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी योजनाओं का प्रचारप्रसार बढ़ाया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा इन अवसरों का लाभ ले सकें। जिला विकास अधिकारी, बैंक प्रबंधक और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव दिए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि युवाओं को उनके प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ मिल सके।








