सीकर में NH-52 पर जलभराव के कारण जाम, ग्रामीणों ने सड़क पर दिया धरना

सीकर में NH-52 पर जलभराव के कारण 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ग्रामीणों ने सड़क पर धरना देकर ट्रॉली व बाधाएं खड़ी कीं। पुलिस और आरएसी तैनात हैं, स्थिति गंभीर बनी

सीकर में NH-52 पर जलभराव से 3 किमी लंबा जाम लग गया। नाराज ग्रामीणों ने ट्रॉली व बाधाएं रखकर सड़क जाम कर दी। शहर में भी वाहनों की लंबी कतारें लगीं। पुलिस और आरएसी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन समस्या बरकरार है।

Sikar: आज सुबह सालासर बाइपास से भढाडर तक 3 किलोमीटर सड़क जलभराव से बंद हो गई। ग्रामीणों ने ट्रॉली और बाधाएं रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस और आरएसी मौके पर हैं, लेकिन समस्या अभी भी गंभीर है।

ग्रामीणों का गुस्सा

आज सुबह ही सालासर बाइपास से भढाडर तक करीब 3 किलोमीटर तक सड़क पर पानी भर गया। इससे गुजर रहे ग्रामीण और वाहन चालक परेशान हो गए। ग्रामीणों ने सड़क पर पत्थर और लकड़ियां डाल दीं और ट्रॉली खड़ी कर दी, जिससे नेशनल हाईवे पर जाम लग गया।

ग्रामीणों का कहना है कि नानी बीहड़ का पानी बार-बार सड़क पर फैलता है और इससे लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जलभराव की समस्या काफी पुराने समय से है, लेकिन नानी बांध बनने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

शहर और हाईवे पर ट्रैफिक का हाल

जाम के कारण बड़े वाहन शहर के अंदर से गुजर रहे हैं। इससे सीकर शहर के अंदर भी वाहनों की लंबी लाइनें लग गई हैं। कई वाहन पानी में फंस गए हैं और चलना मुश्किल हो गया है।

पुलिस और आरएसी के जवान मौके पर तैनात हैं। उन्होंने जाम को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन पानी की अधिकता के कारण ट्रैफिक सामान्य नहीं हो पा रहा है।

जलभराव का मुख्य कारण

नानी बीहड़ का पानी बांध से overflow होकर नेशनल हाईवे पर आ जाता है। वर्षा के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को जल निकासी और डूब क्षेत्र की समस्या पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के जाम से बचा जा सके।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीण लगातार मांग कर रहे हैं कि नानी बीहड़ की जल निकासी का स्थायी समाधान किया जाए। वे चाहते हैं कि बांध और आसपास के क्षेत्रों से पानी सही तरीके से बाहर निकाला जाए, ताकि सड़क पर जलभराव न हो और नेशनल हाईवे हमेशा खुला रहे।

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