गोविंदपुर केके बीएड कॉलेज में प्राचार्य कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर ने की आत्महत्या, 10 लाख मुआवजा

धनबाद के गोविंदपुर केके बीएड कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर अनूप सेन ने आत्महत्या कर ली। प्रबंधन ने 10 लाख मुआवजा और पत्नी को नौकरी देने पर सहमति जताई।
गोविंदपुर केके बीएड कॉलेज में प्राचार्य कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर ने की आत्महत्या, 10 लाख मुआवजा
Photo Credit / Attribution: Google

धनबाद के गोविंदपुर स्थित केके बीएड कॉलेज में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्राचार्य कार्यालय में काम करने वाले 32 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर अनूप कुमार सेन का शव फंदे से लटका मिला। घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के स्वजन और आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में संस्थान परिसर पहुंच गए। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और स्वजन ने प्रबंधन के सामने मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने की मांग रखी।

अनूप कुमार सेन गोविंदपुर के कुरची गांव निवासी भरत चंद्र सेन के पुत्र थे। बताया गया कि मंगलवार शाम करीब चार से साढ़े चार बजे के बीच यह घटना हुई। उस समय कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीके सिंह किसी आवश्यक कार्य से धनबाद गए हुए थे। इसी दौरान अनूप प्राचार्य कार्यालय में मौजूद थे। कुछ देर बाद कार्यालय का दरवाजा अंदर से बंद पाया गया। जब गार्ड ने खिड़की से अंदर देखा तो अनूप को पंखे से लटका पाया।

घटना से कुछ समय पहले करीब चार बजे अनूप ने कॉलेज के गार्ड के साथ चाय पी थी। इसके बाद गार्ड किसी काम से थोड़ी देर के लिए बाहर चला गया। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटा तो प्राचार्य कार्यालय का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो गार्ड ने खिड़की से अंदर झांककर देखा। वहां अनूप को पंखे से लटका देखकर वह घबरा गया और तत्काल इसकी सूचना संस्थान के अधिकारियों को दी।

गार्ड ने घटना की जानकारी संस्थान के प्रशासक अमित कुमार ओझा और मालिक रवि चौधरी को दी। सूचना मिलते ही वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू की। घटना के बाद कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

अनूप की मौत की खबर जैसे ही कुरची गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोग और ग्रामीण कॉलेज परिसर पहुंच गए। स्वजन की ओर से परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए प्रबंधन से मुआवजा और आश्रित को रोजगार देने की मांग की गई। इस दौरान ग्रामीणों और संस्थान प्रबंधन के बीच बातचीत हुई। काफी देर तक चली वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी।

वार्ता के बाद केके ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंधन ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति जताई। इसके अलावा अनूप कुमार सेन की पत्नी को उनकी योग्यता के आधार पर संस्थान में नियोजन देने की बात भी मान ली गई। परिवार के दो छोटे बच्चों की शिक्षा को लेकर भी प्रबंधन ने सहायता का आश्वासन दिया। दोनों बच्चों को 12वीं कक्षा तक निश्शुल्क शिक्षा देने पर सहमति बनी। प्रबंधन की ओर से मांगें मान लिए जाने के बाद स्थिति शांत हुई और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

अनूप के परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बेटे हैं। दोनों बच्चों की उम्र महज पांच और तीन वर्ष बताई गई है। ऐसे में परिवार के कम उम्र के बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिजनों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने भी प्रबंधन के सामने मुआवजा और आश्रित की सहायता की मांग प्रमुखता से रखी थी। प्रबंधन द्वारा मुआवजे और बच्चों की शिक्षा से संबंधित मांग स्वीकार किए जाने के बाद परिवार को कुछ आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।

बताया जाता है कि अनूप कुमार सेन पहले हाकर का काम करते थे। करीब एक वर्ष पहले ही वह केके ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस से जुड़े थे। यहां वह कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे। संस्थान से जुड़े हुए उन्हें करीब एक वर्ष ही हुआ था। इतने कम समय में संस्थान से जुड़े कर्मचारी की अचानक हुई मौत की खबर से वहां काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और परिचितों में भी शोक का माहौल है।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। घटना के समय कॉलेज में मौजूद लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले अनूप किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और ऐसा कदम उठाने के पीछे कोई विशेष कारण था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

घटना के दौरान प्राचार्य कार्यालय में प्राचार्य मौजूद नहीं थे। वह आवश्यक कार्य से धनबाद गए हुए थे। पुलिस अब घटना के समय कॉलेज परिसर में मौजूद लोगों और घटनाक्रम से जुड़े लोगों से जानकारी लेकर पूरे मामले को समझने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अनूप की मौत के बाद कुरची समेत आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। 32 वर्ष की उम्र में उनकी मौत से परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं। पत्नी और दो छोटे बच्चों के सामने अब जीवन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में प्रबंधन द्वारा मुआवजा, पत्नी को योग्यता के अनुसार नौकरी और बच्चों को 12वीं तक निश्शुल्क शिक्षा देने की सहमति परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहायता मानी जा रही है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनूप ने किन परिस्थितियों में प्राचार्य कार्यालय में यह कदम उठाया। फिलहाल घटना ने कॉलेज परिसर के साथ-साथ पूरे कुरची क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।

Leave a comment