ग्रेटर नोएडा में नकली भारतीय करेंसी के जरिए लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 200 रुपये के 920 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये है। इसके अलावा एक हजार रुपये की असली नकदी और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को तीन गुना रकम देने का लालच देकर नकली नोटों के बदले असली रुपये हासिल करते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर की गई। नॉलेज पार्क थाना पुलिस को गिरोह की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान ग्राम कोंडली पुस्ता के पास गढ़ी समस्तीपुर जाने वाले पक्के रास्ते के मोड़ पर बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार को रोककर उसमें सवार चार लोगों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में 200 रुपये के जाली नोट मिले। इसके बाद नकदी और कार को कब्जे में लेकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अर्जुन सिंह की उम्र 22 वर्ष, जबकि शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला की उम्र 19-19 वर्ष बताई गई है। ये आरोपी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर, अयोध्या और सीतापुर सहित अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ के आधार पर गिरोह की गतिविधियों, जाली नोटों की व्यवस्था और इस मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में ठगी का एक खास तरीका सामने आया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य लोगों को कम समय में तीन गुना रुपये मिलने का लालच देते थे। अधिक रकम पाने की उम्मीद में लोग उनके झांसे में आ जाते थे। इसके बाद आरोपियों की ओर से असली रुपये के बदले नकली नोट दिए जाते थे। इस तरह ठगी के जरिए असली रकम हासिल करने और उसे आपस में बांटने का आरोप है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरीके से अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया और गिरोह ने कितनी रकम की ठगी की है।
बरामद किए गए 920 जाली नोट सभी 200 रुपये के बताए गए हैं। इस हिसाब से उनकी कुल अंकित कीमत 1,84,000 रुपये होती है। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से एक हजार रुपये का असली नोट भी मिला है, जिसे मामले से संबंधित बरामदगी का हिस्सा बताया गया है। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार को भी जब्त किया गया है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कार का इस्तेमाल आरोपियों ने कहां-कहां आने-जाने और कथित ठगी की गतिविधियों के लिए किया था।
इस मामले में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू जाली नोटों के स्रोत का पता लगाना है। बरामद नोट कहां तैयार किए गए, उन्हें आरोपियों तक किसने पहुंचाया और क्या इस काम में कोई अन्य व्यक्ति या समूह शामिल है, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने नकली नोटों को बाजार में चलाने की कोशिश की थी या वे मुख्य रूप से लोगों को अधिक रकम देने का झांसा देकर ठगी करते थे। बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच से भी मामले में नई जानकारी मिलने की संभावना है।
पुलिस की पूछताछ में अर्जुन सिंह के वर्ष 2024 में अयोध्या जेल में बंद रहने के दौरान कुबेर सिंह नाम के व्यक्ति से मुलाकात होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान कथित तौर पर जाली करेंसी के कारोबार की योजना बनाई गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित योजना में किसकी क्या भूमिका रही और जाली नोटों की तैयारी तथा उन्हें लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया कैसे संचालित की जाती थी
नकली नोटों के जरिए ठगी का मामला आम लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए भी चिंता का विषय है। बाजार में लेनदेन करते समय दुकानदारों को नकदी की जांच करनी पड़ती है। यदि जाली नोट किसी व्यक्ति को थमा दिए जाते हैं, तो उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। खासकर असामान्य रूप से अधिक रकम देने के वादे करने वाले लोगों से सावधान रहना जरूरी है। कोई भी व्यक्ति यदि थोड़े से असली रुपये के बदले कई गुना नकदी देने की पेशकश करता है, तो ऐसी पेशकश को संदेह की नजर से देखना चाहिए।
फिलहाल नॉलेज पार्क थाना पुलिस चारों आरोपियों से जुड़े मामले की आगे की जांच कर रही है। पुलिस गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों, नकली नोटों के स्रोत और कथित ठगी के शिकार लोगों की जानकारी जुटा रही है। बरामद जाली नोटों की जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आरोपियों की भूमिका और उनसे जुड़े अन्य तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।








