उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक नाबालिग लड़की ने गांव के युवक और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। मामला कुड़वार थाना क्षेत्र का है। पीड़िता शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे एसपी विनीत जायसवाल से मिली और अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी शादी तय होने के बाद धर्मेंद्र नाम के युवक ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। पीड़िता ने युवक और उसके साथियों पर घर में घुसकर दुष्कर्म का प्रयास करने तथा मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़िता के अनुसार, गांव के धर्मेंद्र और उसके साथियों की हरकतों से वह काफी परेशान है। आरोप है कि शादी तय होने के बाद उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल कर दी गईं, जिससे उसे सामाजिक रूप से अपमानित होना पड़ा। तस्वीरें वायरल होने की घटना के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई। नाबालिग ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट किए जाने की बात भी कही गई है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के सामने अपनी बात रखते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उसने शिकायत में बताया कि मामला केवल तस्वीरें वायरल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे डराने और परेशान करने के लिए कथित तौर पर घर तक पहुंचकर अभद्र व्यवहार किया गया। इस पूरे घटनाक्रम से वह और उसका परिवार परेशान हैं। पीड़िता ने पुलिस से सुरक्षा और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने जांच के आदेश दिए हैं। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल करेगी। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आपत्तिजनक तस्वीरें किसने वायरल कीं, उन्हें किन माध्यमों से साझा किया गया और घटना में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। घर में घुसने, दुष्कर्म का प्रयास करने और मारपीट के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
डिजिटल माध्यमों पर किसी की निजी या आपत्तिजनक तस्वीरें उसकी सहमति के बिना साझा करना गंभीर मामला है। खासकर जब पीड़ित नाबालिग हो, तो उसकी पहचान और निजता की सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। ऐसे मामलों में पुलिस को डिजिटल साक्ष्यों की जांच करने के साथ पीड़िता की सुरक्षा और उसके बयान को संवेदनशीलता के साथ दर्ज करना होता है। यदि तस्वीरें सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए प्रसारित की गई हैं, तो उन्हें साझा करने वाले खातों और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
इस मामले में अभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। फिलहाल पीड़िता की शिकायत के बाद एसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी या तस्वीर को साझा करने से बचना भी जरूरी है, क्योंकि वह नाबालिग है।








