अयोध्या में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शिक्षक एमएलसी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के समर्थन में वोट मांगे। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से शिक्षकों के बीच पहुंचकर उनसे संपर्क करने और चुनावी अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ाने की अपील की। भाजपा इस चुनाव को केवल विधान परिषद की सीट जीतने तक सीमित नहीं मान रही है, बल्कि इसे वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रही है। पार्टी संगठन का जोर शिक्षक मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित करने, मतदाता सूची की समीक्षा करने और बूथ स्तर तक चुनाव प्रबंधन मजबूत बनाने पर है।
पंकज चौधरी के अयोध्या दौरे के दौरान शिक्षक एमएलसी चुनाव के साथ संगठन की तैयारियों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि चुनाव में सफलता के लिए केवल बड़े स्तर की सभाएं करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मतदाताओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचना भी जरूरी है। पार्टी चाहती है कि शिक्षक मतदाताओं के साथ लगातार संवाद बना रहे और उन्हें चुनाव से जुड़ी आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। इस अभियान में स्थानीय पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है।
भाजपा ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए सितंबर में उम्मीदवारों की सूची घोषित की थी। इन चुनावों में पार्टी की कोशिश है कि संगठन की पहुंच शिक्षक और स्नातक मतदाताओं तक बढ़ाई जाए। उम्मीदवार के समर्थन में चलने वाले संपर्क अभियान को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अयोध्या में हुई संगठनात्मक गतिविधियों में अवध क्षेत्र के नौ जिलों की सांगठनिक स्थिति की समीक्षा और चुनावी तैयारियों पर चर्चा भी शामिल रही। पार्टी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने, शिक्षक एवं स्नातक मतदाता सूचियों पर ध्यान देने और चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारियां स्पष्ट रखने पर जोर दिया गया। भाजपा की रणनीति में स्थानीय स्तर पर बैठकों और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने की योजना शामिल है।
शिक्षक एमएलसी चुनाव को भाजपा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की सक्रियता परखने के अवसर के रूप में भी देख रही है। पार्टी की चुनावी तैयारियों में बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सीमित मतदाता समूह के बीच होता है, इसलिए व्यक्तिगत संपर्क और मतदाता सूची का सही प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है। भाजपा का जोर इस बात पर है कि कार्यकर्ता केवल चुनाव की घोषणा के समय सक्रिय न हों, बल्कि अपने क्षेत्र के मतदाताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखें।
पार्टी की ओर से शिक्षक मतदाताओं से संपर्क करने की जिम्मेदारी अलग-अलग पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को देने की रणनीति भी सामने आई है। अयोध्या जिले में पहले हुई एक बैठक में महानगर क्षेत्र के 1,022 और ग्रामीण क्षेत्र के 2,053 शिक्षक मतदाताओं तक पहुंचने की योजना पर चर्चा की गई थी। इस तरह जिले में कुल 3,075 शिक्षक मतदाताओं से संपर्क करने का लक्ष्य रखा गया था। यह आंकड़ा अयोध्या जिले की संपर्क योजना से संबंधित है, पूरे गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या नहीं है
भाजपा के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को विभिन्न सामाजिक और पेशेवर समूहों के बीच अपनी सक्रियता दिखाने का अवसर मिलता है। शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से संवाद के जरिए पार्टी उनकी अपेक्षाओं और स्थानीय मुद्दों को समझने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस चुनाव का परिणाम क्या होगा, यह मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा। फिलहाल अयोध्या में पंकज चौधरी की अपील और ध्रुव त्रिपाठी के समर्थन में संपर्क अभियान भाजपा की चुनावी रणनीति के प्रमुख हिस्से के रूप में सामने आए हैं।








