GSP Crop Science IPO: निवेशकों के लिए नया IPO, GSP Crop Science का इश्यू खुलेगा अगले हफ्ते

GSP Crop Science का ₹400 करोड़ का IPO 16–18 मार्च 2026 तक खुला रहेगा। प्राइस बैंड ₹304–₹320 तय, एक लॉट 46 शेयरों का है। निवेश से पहले जानें पूरी डिटेल।

GSP Crop Science का ₹400 करोड़ का IPO 16 मार्च 2026 को खुलेगा और 18 मार्च तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी ने प्राइस बैंड ₹304–₹320 तय किया है और एक लॉट में 46 शेयर रखे गए हैं।

GSP Crop Science IPO: शेयर बाजार में आने वाले हफ्ते में निवेशकों के लिए एक नया आईपीओ खुलने जा रहा है। एग्रोकेमिकल सेक्टर की कंपनी GSP Crop Science अपना Initial Public Offering यानी IPO लेकर आ रही है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है और निवेशकों के लिए आवेदन की तारीख भी घोषित कर दी गई है।

यह आईपीओ 16 मार्च 2026 को खुलेगा और 18 मार्च 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए कुल 400 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। एग्रोकेमिकल सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए यह आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा में आ गया है।

₹304 से ₹320 तय हुआ प्राइस बैंड

कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्रति शेयर प्राइस बैंड 304 रुपये से 320 रुपये तय किया है। निवेशक इस प्राइस रेंज के भीतर बोली लगाकर आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आईपीओ में आवेदन करने के लिए लॉट साइज 46 शेयरों का रखा गया है। इसका मतलब है कि निवेशक को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा।

अगर कोई रिटेल निवेशक अपर प्राइस बैंड यानी 320 रुपये के हिसाब से आवेदन करता है तो उसे एक लॉट के लिए लगभग 14,720 रुपये निवेश करने होंगे। यह रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि होगी।

₹400 करोड़ का है पूरा इश्यू

GSP Crop Science का आईपीओ कुल 400 करोड़ रुपये का है। इस इश्यू को दो हिस्सों में बांटा गया है जिसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों शामिल हैं।

कंपनी इस आईपीओ के जरिए 240 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू जारी करेगी। इसके तहत लगभग 75 लाख नए शेयर बाजार में जारी किए जाएंगे। इसके अलावा 160 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी शामिल है। इसमें लगभग 50 लाख शेयर बेचे जाएंगे।

OFS के तहत प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। इसमें विलासबेन व्रजमोहन शाह, कप्पा ट्रस्ट और भावेश व्रजमोहन शाह शामिल हैं।

फ्रेश इश्यू की रकम का इस्तेमाल

कंपनी ने अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP में बताया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी के कुछ बकाया कर्ज को चुकाने में किया जाएगा। इसके अलावा इस फंड का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए भी किया जाएगा।

कंपनी का मानना है कि आईपीओ के जरिए जुटाई गई पूंजी से उसके वित्तीय ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी और भविष्य में विस्तार की योजनाओं को भी गति मिल सकती है।

आईपीओ का पूरा टाइमलाइन

GSP Crop Science का आईपीओ 16 मार्च 2026 को खुलेगा और 18 मार्च 2026 को बंद होगा। इस अवधि के दौरान निवेशक आईपीओ के लिए आवेदन कर सकेंगे।

शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 तक पूरी होने की संभावना है। इसके बाद जिन निवेशकों को शेयर अलॉट नहीं होंगे उनके पैसे रिफंड कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 24 मार्च 2026 को शेयर बाजार में होने की संभावना है। उस दिन यह स्टॉक स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकता है।

इश्यू के मैनेजर और रजिस्ट्रार

इस आईपीओ के लिए इक्विरस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। यह संस्था पूरे इश्यू के प्रबंधन और प्रक्रिया को संभालेगी।

वहीं आईपीओ से जुड़े रिकॉर्ड और शेयर अलॉटमेंट से संबंधित काम एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संभाला जाएगा। ये संस्थाएं आईपीओ प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कंपनी क्या करती है

GSP Crop Science एक रिसर्च आधारित एग्रोकेमिकल कंपनी है। यह कंपनी कृषि क्षेत्र के लिए कई प्रकार के उत्पाद तैयार करती है जो किसानों को फसल सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं।

कंपनी मुख्य रूप से खरपतवार नाशक यानी Herbicide, कीटनाशक यानी Insecticide, फफूंदनाशक यानी Fungicide और पौधों की वृद्धि बढ़ाने वाले उत्पाद बनाती है। ये उत्पाद किसानों को फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट और रोगों से बचाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भी इनका उपयोग किया जाता है।

रिसर्च और निर्माण पर कंपनी का फोकस

GSP Crop Science अपने उत्पादों के विकास के लिए रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर भी जोर देती है। कंपनी फॉर्मुलेशन और टेक्निकल प्रोडक्ट दोनों प्रकार के एग्रोकेमिकल उत्पाद बनाती है। फॉर्मुलेशन ऐसे उत्पाद होते हैं जिनमें एक्टिव इंग्रीडिएंट के साथ अन्य मिश्रण शामिल होते हैं। वहीं टेक्निकल प्रोडक्ट एक्टिव इंग्रीडिएंट का सघन रूप होता है जिसे आगे विभिन्न फॉर्मुलेशन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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