गुजरात के कच्छ में सुबह आया भूकंप, लोगों में दहशत, जानें कितनी रही तीव्रता

गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार सुबह 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकले। भूकंप का केंद्र 10 किमी गहराई पर रहा।

गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार सुबह 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। झटके महसूस होते ही लोग डर के कारण घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई पर था।

Earthquake in Kachchh: गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार सुबह अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। तड़के करीब 4:30 बजे धरती हिलने से लोग डर गए और कई परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके हल्के से मध्यम स्तर के थे, लेकिन सुबह-सुबह आए कंपन ने लोगों को चौंका दिया। लंबे समय से शांत रहे इलाके में अचानक आए भूकंप के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर 4.4 मापी गई। राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

मात्र 10 किलोमीटर की गहराई पर रहा केंद्र

एनसीएस (NCS) की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्छ में आए इस भूकंप का केंद्र जमीन से मात्र 10 किलोमीटर नीचे था। भूकंप का एपिसेंटर (Epicenter) 23.65 डिग्री उत्तरी अक्षांश (Latitude) और 70.23 डिग्री पूर्वी देशांतर (Longitude) पर स्थित बताया गया।

कम गहराई पर आने वाले भूकंप आमतौर पर ज्यादा महसूस किए जाते हैं। यही वजह रही कि भले ही तीव्रता 4.4 रही, लेकिन झटके साफ तौर पर महसूस हुए। कई लोगों ने बताया कि उन्हें पलंग और दरवाजों में कंपन महसूस हुआ, जिसके बाद वे तुरंत घरों से बाहर निकल आए।

डर के कारण घरों से बाहर निकले लोग

सुबह के समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। जैसे ही धरती हिली, कई परिवार घबराकर खुले स्थानों की ओर भागे। कुछ इलाकों में लोग कुछ देर तक बाहर ही खड़े रहे और हालात सामान्य होने का इंतजार करते रहे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, झटके कुछ सेकंड तक रहे, लेकिन उस दौरान डर का माहौल बन गया। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों में ज्यादा घबराहट देखी गई। हालांकि कुछ ही देर में स्थिति सामान्य हो गई और लोग वापस अपने घरों में लौट आए।

जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं

प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। किसी इमारत के गिरने या बड़े नुकसान की भी सूचना सामने नहीं आई है।

भूकंप के बाद प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

कच्छ उच्च भूकंपीय जोखिम वाला क्षेत्र

कच्छ जिला भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यह इलाका हाई सिस्मिक जोन (High Seismic Zone) में आता है, जहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्छ क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियां (Tectonic Activity) लगातार बनी रहती हैं। इसी कारण यहां कम तीव्रता के भूकंप बार-बार दर्ज किए जाते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में ये भूकंप नुकसानदायक साबित नहीं होते।

दिसंबर में पहले भी आ चुके हैं झटके

इस साल दिसंबर महीने में कच्छ में इससे पहले भी भूकंप के हल्के झटके दर्ज किए जा चुके हैं। 13 दिसंबर को भी इस इलाके में 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था। उस समय भी लोगों ने झटके महसूस किए थे, लेकिन तब भी किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई थी।

लगातार आ रहे हल्के भूकंप यह संकेत देते हैं कि इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां सक्रिय हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे छोटे झटके बड़े तनाव को धीरे-धीरे रिलीज करने में मदद करते हैं, जिससे बड़े भूकंप की संभावना कुछ हद तक कम हो सकती है।

26 जनवरी 2001 का भयानक भूकंप

कच्छ का नाम सुनते ही लोगों को 26 जनवरी 2001 का विनाशकारी भूकंप याद आ जाता है। उस दिन आए भूकंप ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। इस भूकंप की तीव्रता 6.9 थी, जिसने कच्छ सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई थी।

उस भूकंप में हजारों लोगों की जान चली गई थी। बड़ी संख्या में घर, इमारतें, सड़कें और अन्य ढांचे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई सालों तक कच्छ उस त्रासदी के असर से उबरता रहा।

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