गुजरात यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण नीति लागू है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, SEBC, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर और अन्य विशेष श्रेणियों के छात्रों के लिए अलग-अलग प्रतिशत में सीटें आरक्षित हैं। इसमें प्रमाण पत्र और बोर्ड आधारित प्रवेश नियमों का पालन अनिवार्य है। यह नीति सभी छात्रों को समान अवसर देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
गुजरात यूनिवर्सिटी आरक्षण नीति: गुजरात यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए विस्तृत आरक्षण व्यवस्था लागू है, जिसमें अनुसूचित जाति (7%), अनुसूचित जनजाति (15%), SEBC (27%), दिव्यांग (5%) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (10%) के लिए सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा खेल, NSS, NCC, सांस्कृतिक गतिविधियों और पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए भी आरक्षित सीटें हैं। इस नीति के तहत सभी छात्रों को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है और कुल सीटों का 90% गुजरात बोर्ड के छात्रों के लिए सुरक्षित रखा गया है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
आरक्षण के तहत सीटें और प्रतिशत
गुजरात यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित सीटें निर्धारित की गई हैं। अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के लिए 7%, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 15%, और सामाजिक-शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) के लिए 27% सीटें आरक्षित हैं। दिव्यांग छात्रों के लिए 5% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए 10% सुपरन्यूमेरी सीटें आरक्षित की गई हैं, जिसमें 33% सीटें लड़कियों के लिए हैं।
इसके अलावा खेल, NSS, NCC और सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान देने वाले छात्रों के लिए 2% सीटें और पूर्व सैनिक या सेवा में कार्यरत रक्षा कर्मियों के बच्चों के लिए 1% सीटें आरक्षित हैं। यह सुनिश्चित करता है कि सभी वर्गों के छात्रों को शिक्षा में समान अवसर मिलें।
![]()
प्रमाण पत्र और वैधता की आवश्यकताएँ
आरक्षित सीटों पर दाखिला लेने वाले छात्रों को संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है। SEBC छात्रों को अतिरिक्त रूप से “क्रीमी लेयर” में न होने का प्रमाण पत्र देना होगा, जो राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया जाता है और तीन साल तक वैध रहता है। पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए सैन्य कल्याण बोर्ड या जिला सैन्य कल्याण अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जबकि सेवा में कार्यरत रक्षा कर्मियों के बच्चों के लिए कमांडिंग ऑफिसर से प्रमाण पत्र लेना जरूरी है।
बोर्ड आधारित सीटें और प्रवेश प्रक्रिया
गुजरात यूनिवर्सिटी में कुल सीटों का 90% गुजरात बोर्ड के छात्रों के लिए आरक्षित है और 10% अन्य बोर्ड के छात्रों के लिए। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होता है कि राज्य के छात्रों को प्राथमिकता मिलती रहे। सभी आरक्षित सीटों पर दाखिला लेने वाले छात्रों को अपनी जाति और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे, ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।











