गुरुग्राम के रक्षित यादव पहले प्रयास में बने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट, परिवार में खुशी की लहर

गुरुग्राम के रक्षित यादव ने पहले प्रयास में NDA परीक्षा पास कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया। परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-3 निवासी रक्षित यादव भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्होंने पहले प्रयास में एनडीए परीक्षा पास कर एनडीए और आईएमए का प्रशिक्षण पूरा किया, जिसके बाद उन्हें कमीशंड अधिकारी बनाया गया।

 गुरुग्राम: हरियाणा गुरुग्राम के युवा रक्षित यादव ने पहले ही प्रयास में एनडीए परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी की पासिंग आउट परेड में उन्हें कमीशंड अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया।

पहले प्रयास में एनडीए पास कर हासिल की बड़ी सफलता

हरियाणा के गुरुग्राम निवासी रक्षित यादव ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। अशोक विहार फेज-3 के रहने वाले रक्षित को देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया।

रक्षित की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने 12वीं कक्षा के बाद पहले ही प्रयास में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। इसके बाद उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण की कठिन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया।

एनडीए और आईएमए में पूरा किया सैन्य प्रशिक्षण

एनडीए परीक्षा में सफलता मिलने के बाद रक्षित यादव ने महाराष्ट्र के खडकवासला स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) में तीन वर्षों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड के देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) में एक वर्ष का विशेष सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया।

प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने शारीरिक क्षमता, नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सैन्य रणनीति से जुड़ी विभिन्न परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया। सभी चरणों में सफलता हासिल करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया गया।

परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल

रक्षित यादव की इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

परिजनों ने बताया कि रक्षित बचपन से ही सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहते थे। उन्होंने अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार मेहनत की और अनुशासन के साथ तैयारी जारी रखी, जिसका परिणाम आज पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

शुरुआती शिक्षा गुरुग्राम में हुई पूरी

रक्षित यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शंकर विहार स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एयरफोर्स स्कूल, गुरुग्राम और कर्नल सेंट्रल अकादमी से आगे की पढ़ाई पूरी की। स्कूली शिक्षा के दौरान ही उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय कर लिया था।

अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त होने के बाद रक्षित देश की सेवा करेंगे। उनकी सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रक्षित की उपलब्धि से अन्य युवाओं को भी सशस्त्र बलों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी और वे भी अनुशासन, मेहनत और समर्पण के बल पर अपने लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करेंगे।

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