बदलती जीवनशैली और जंक फूड के कारण बच्चों व युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, कम स्क्रीन टाइम और पर्याप्त नींद अपनाकर मोटापे तथा उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
How to prevent obesity: आज के दौर में मोटापा (Obesity) केवल अधिक वजन होने की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया भर में तेजी से बढ़ती एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। खासकर बच्चों, किशोरों और युवाओं में बढ़ता मोटापा भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अनियमित खानपान, जंक फूड का बढ़ता चलन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और स्क्रीन टाइम में लगातार इजाफा इस समस्या के प्रमुख कारण हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो मोटापा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
मोटापा क्यों तेजी से बढ़ रहा है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. ए.के. सिंह के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। पहले जहां लोग पैदल चलते थे और नियमित शारीरिक श्रम करते थे, वहीं अब अधिकांश समय कुर्सी पर बैठकर काम करने और मोबाइल या कंप्यूटर के सामने बिताने लगे हैं।
इसके साथ ही फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी तेजी से बढ़ा है। यही कारण है कि कम उम्र में भी मोटापे की समस्या देखने को मिल रही है।
जंक फूड बना सबसे बड़ा कारण
आज के युवाओं और बच्चों के भोजन में बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, नूडल्स और अन्य फास्ट फूड शामिल हो चुके हैं। इन खाद्य पदार्थों में कैलोरी, ट्रांस फैट और नमक की मात्रा अधिक होती है, जबकि आवश्यक पोषक तत्व कम होते हैं।
जब शरीर जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेता है और उसे खर्च नहीं कर पाता, तो अतिरिक्त ऊर्जा वसा (Fat) के रूप में जमा होने लगती है। यही धीरे-धीरे मोटापे का कारण बनती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फास्ट फूड को रोजमर्रा की आदत बनाने के बजाय केवल कभी-कभार ही सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
चीनी और पैकेज्ड फूड से बढ़ता है जोखिम
पैकेज्ड स्नैक्स, बिस्किट, केक, मिठाइयों, कोल्ड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) होती है।
अधिक चीनी शरीर में इंसुलिन के स्तर को प्रभावित करती है और अतिरिक्त कैलोरी तेजी से वसा में बदल जाती है। इसके अलावा मीठे पेय पदार्थ पेट नहीं भरते, जिससे व्यक्ति जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले लेता है।
यदि रोजाना मीठे पेय पदार्थों का सेवन किया जाए तो वजन तेजी से बढ़ सकता है।
कितनी कैलोरी पर्याप्त होती है?
विशेषज्ञों के अनुसार एक सामान्य वयस्क व्यक्ति के लिए औसतन करीब 2,000 कैलोरी प्रतिदिन पर्याप्त मानी जाती है। हालांकि यह व्यक्ति की उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बदल सकती है।
समस्या तब होती है जब लोग जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैं लेकिन शारीरिक गतिविधि बहुत कम करते हैं। इससे अतिरिक्त कैलोरी शरीर में वसा के रूप में जमा होने लगती है।

बच्चों में क्यों बढ़ रहा है मोटापा?
पहले बच्चे घंटों बाहर खेलते थे, जिससे उनकी पर्याप्त शारीरिक गतिविधि हो जाती थी। लेकिन अब मोबाइल फोन, वीडियो गेम, ऑनलाइन पढ़ाई और टीवी के कारण उनका अधिकांश समय स्क्रीन के सामने बीतता है।
इससे कैलोरी खर्च कम होती है और वजन बढ़ने लगता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को रोजाना कम से कम 60 मिनट तक सक्रिय खेल या व्यायाम करना चाहिए।
मोटापे से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
मोटापा शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करता है। लंबे समय तक अधिक वजन रहने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे—
- टाइप-2 डायबिटीज
- हाई ब्लड प्रेशर
- हृदय रोग और हार्ट अटैक
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- फैटी लिवर
- जोड़ों में दर्द
- स्लीप एपनिया
- स्ट्रोक का खतरा
- मानसिक तनाव और आत्मविश्वास में कमी
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ वजन बनाए रखने से इन बीमारियों का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मोटापा रोकने के लिए क्या करें?
1. संतुलित आहार लें
रोजाना भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, दूध, दही और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें।
2. जंक फूड कम करें
बर्गर, पिज्जा, तले हुए स्नैक्स, पैकेज्ड फूड और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें।
3. रोजाना व्यायाम करें
कम से कम 30 से 45 मिनट तक तेज चलना, साइकिल चलाना, योग, तैराकी या कोई भी पसंदीदा शारीरिक गतिविधि करें।
4. स्क्रीन टाइम कम करें
बच्चों और युवाओं को मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम पर कम समय बिताने के लिए प्रेरित करें।
5. पर्याप्त नींद लें
रोजाना 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद हार्मोन संतुलित रखने और वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है।
6. पर्याप्त पानी पिएं
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और अधिक खाने की आदत कम हो सकती है।
7. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
यदि वजन तेजी से बढ़ रहा है या मोटापे के साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें।
स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा किसी एक दिन में नहीं बढ़ता और न ही एक दिन में कम होता है। यह हमारी रोजमर्रा की आदतों का परिणाम है। यदि बचपन से ही संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाई जाए, तो मोटापे और उससे जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
परिवार और स्कूल दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों में स्वस्थ खानपान और शारीरिक गतिविधियों की आदत विकसित करें। वहीं युवाओं और वयस्कों को भी अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके लंबे समय तक स्वस्थ और फिट रहा जा सकता है।













