Wheatgrass Juice Benefits:क्या व्हीटग्रास जूस पीने से घटता है शुगर और कोलेस्ट्रॉल? जानिए कितनी सच्चाई है

व्हीटग्रास जूस पीने से क्या सच में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कम होता है? जानें इसके पोषक तत्व, पाचन पर असर, डिटॉक्स के दावे और सेवन में जरूरी सावधानियां।

व्हीटग्रास जूस को लेकर दावा किया जाता है कि यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल घटाने के साथ शरीर की सफाई करता है। इसमें कुछ जरूरी पोषक तत्व जरूर होते हैं, लेकिन क्या इसके फायदे वैज्ञानिक शोध में भी साबित हुए हैं? आइए समझते हैं।

Wheatgrass Juice Benefits: सुबह खाली पेट व्हीटग्रास जूस पीने का चलन बढ़ रहा है। हेल्थ को लेकर जागरूक लोग इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। कोई इसे पेट के लिए अच्छा बताता है तो कोई कहता है कि इससे शुगर और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। कुछ लोग तो इसे शरीर की अंदर से सफाई करने वाला जूस भी मानते हैं। दरअसल, व्हीटग्रास गेहूं के छोटे हरे पौधों से बनाया जाता है। इसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, मगर इससे जुड़ी हर बात मेडिकल रिसर्च में साबित नहीं हुई है।

व्हीटग्रास जूस में आखिर ऐसा क्या होता है?

गेहूं के पौधे जब शुरुआती अवस्था में होते हैं, तब उनकी हरी पत्तियों को काटकर जूस तैयार किया जाता है। इसका स्वाद थोड़ा घास जैसा होता है। यही वजह है कि हर किसी को इसका स्वाद पसंद नहीं आता। इसके बावजूद कई लोग इसे सेहत के लिए अच्छा मानकर पीते हैं।

Wheatgrass Juice Benefits:क्या व्हीटग्रास जूस पीने से घटता है शुगर और कोलेस्ट्रॉल? जानिए कितनी सच्चाई है

व्हीटग्रास में क्लोरोफिल पाया जाता है, जिसकी वजह से इसका रंग हरा होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन सी, विटामिन ई और कुछ खनिज भी मिलते हैं। फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक जैसे प्राकृतिक पदार्थ भी इसमें मौजूद होते हैं।

इनमें से कई पदार्थ एंटीऑक्सीडेंट गुण रखते हैं। शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट इस नुकसान को सीमित करने में भूमिका निभाते हैं।

लैब में व्हीटग्रास पर हुए कुछ अध्ययनों में एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देखी गई है। लेकिन केवल लैब में अच्छे नतीजे आने का मतलब यह नहीं है कि इसे पीने से इंसानों में बीमारियों का खतरा कम हो जाएगा। इसके लिए लोगों पर बड़े और लंबे अध्ययन होने जरूरी हैं।

शुगर और कोलेस्ट्रॉल कम करने के दावे में कितना दम?

डायबिटीज होने पर खानपान का ध्यान रखना पड़ता है। इसी दौरान कई लोग ऐसी चीजें तलाशते हैं, जिनसे ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद मिले। व्हीटग्रास जूस को लेकर भी इसी तरह के दावे किए जाते हैं।

जानवरों पर हुए कुछ शोधों में व्हीटग्रास के सेवन के बाद ब्लड ग्लूकोज और शरीर में फैट से जुड़े बदलाव देखे गए हैं। लेकिन इससे यह नहीं कहा जा सकता कि इंसानों में भी इसका असर वैसा ही होगा।

अभी तक इंसानों पर ऐसे पर्याप्त बड़े और भरोसेमंद अध्ययन नहीं हुए हैं, जिनसे साबित हो कि व्हीटग्रास जूस पीने से डायबिटीज कंट्रोल हो जाती है या कोलेस्ट्रॉल घटने लगता है।

इसलिए अगर किसी का ब्लड शुगर बढ़ा हुआ रहता है या कोलेस्ट्रॉल की दवा चल रही है, तो सिर्फ व्हीटग्रास जूस के भरोसे रहना ठीक नहीं होगा। डॉक्टर की दी हुई दवा और खाने-पीने से जुड़े निर्देश जारी रखने चाहिए।

क्या सच में शरीर की गंदगी निकालता है व्हीटग्रास?

व्हीटग्रास जूस को कई जगह नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक बताया जाता है। दावा किया जाता है कि इसे पीने से शरीर में जमा हानिकारक पदार्थ निकल जाते हैं। लेकिन शरीर की सफाई का काम पहले से ही हमारे कई अंग करते हैं।

लिवर शरीर में बनने वाले और बाहर से आने वाले कई पदार्थों को प्रोसेस करता है। किडनी खून से अपशिष्ट पदार्थों को छानकर पेशाब के रास्ते बाहर निकालती है। ये काम शरीर में लगातार चलते रहते हैं।

अब तक ऐसे ठोस मेडिकल सबूत नहीं मिले हैं, जिनसे पता चले कि व्हीटग्रास जूस पीने से लिवर या किडनी की सफाई ज्यादा अच्छी होने लगती है।

पाचन से जुड़े फायदे की बात करें तो एक छोटे अध्ययन में अल्सरेटिव कोलाइटिस के कुछ मरीजों को व्हीटग्रास जूस देने के बाद उनके लक्षणों में सुधार देखा गया था। यह आंतों में सूजन से जुड़ी बीमारी है। हालांकि, अध्ययन में मरीजों की संख्या कम थी। इसलिए इसके आधार पर व्हीटग्रास को पेट की बीमारियों का इलाज नहीं माना जा सकता।

व्हीटग्रास जूस किसे नहीं पीना चाहिए?

व्हीटग्रास जूस पीने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसे तैयार कैसे किया गया है। कई जगह ताजी घास को पीसकर सीधे जूस निकाल दिया जाता है। अगर पौधे ठीक से नहीं उगाए गए या मशीन और बर्तनों की सफाई नहीं हुई, तो जूस में हानिकारक बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं।

बिना पाश्चुराइज्ड जूस में संक्रमण का खतरा रहता है। खासकर गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को इससे बचना चाहिए। किसी गंभीर बीमारी का इलाज चल रहा हो तो डॉक्टर से पूछे बिना इसे नियमित डाइट का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।

कुछ लोगों को व्हीटग्रास जूस पीने के बाद जी मिचलाने, पेट खराब होने या एलर्जी की शिकायत भी हो सकती है। ऐसा होने पर जूस पीना बंद कर देना चाहिए। परेशानी बनी रहे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

जो लोग स्वस्थ हैं, वे साफ-सफाई से तैयार व्हीटग्रास जूस को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। लेकिन इसे पीने के लिए फल, सब्जियां या घर का सामान्य पौष्टिक खाना छोड़ने की जरूरत नहीं है।

सिर्फ एक तरह का जूस पी लेने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल सकते। रोज के खाने में दाल, सब्जियां, फल, अनाज और पर्याप्त पानी का होना भी जरूरी है।

व्हीटग्रास में पोषक तत्व जरूर पाए जाते हैं, लेकिन इसे शुगर, कोलेस्ट्रॉल या लिवर से जुड़ी बीमारी का इलाज बताना सही नहीं होगा। इन बीमारियों पर इसके असर को समझने के लिए अभी इंसानों पर और अच्छी गुणवत्ता वाले शोध की जरूरत है।

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