लंबे समय तक बैठकर काम करने से कमर और पीठ में अकड़न महसूस हो सकती है। ऐसी परेशानी में हस्तोत्तानासन जैसे हल्के योगाभ्यास मददगार हो सकते हैं। जानिए पांच मिनट के अभ्यास का तरीका, इसके फायदे और जरूरी सावधानियां।
Yoga For Stiff Back:ऑफिस में कंप्यूटर के सामने काम करना हो या घर से ऑनलाइन काम करना, लगातार कई घंटे कुर्सी पर बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियों में जकड़न महसूस होने लगती है। खासकर कमर, पीठ और कंधों पर इसका असर दिखाई देता है। काम के बीच उठकर चलने-फिरने की आदत न हो तो परेशानी और बढ़ सकती है। ऐसे में हल्की स्ट्रेचिंग और नियमित शारीरिक गतिविधि से राहत मिल सकती है। हस्तोत्तानासन भी ऐसा ही एक योगासन है, जिसमें हाथों को ऊपर उठाकर शरीर को धीरे-धीरे खींचा जाता है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, कमर दर्द होने पर लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बजाय हल्की गतिविधियां और उपयुक्त व्यायाम करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, हर तरह के कमर दर्द का इलाज एक जैसा नहीं होता।
हस्तोत्तानासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
हस्तोत्तानासन संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें 'हस्त' का अर्थ हाथ और 'उत्तान' का मतलब ऊपर की ओर खिंचाव है। इस आसन में सीधे खड़े होकर दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाए जाते हैं और शरीर को लंबा खींचा जाता है।
यह सूर्य नमस्कार का दूसरा और ग्यारहवां चरण भी है। आयुष मंत्रालय के योग प्रमाणन बोर्ड के अनुसार, इस आसन में सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाया जाता है और शरीर को अपनी क्षमता के अनुसार पीछे की ओर झुकाया जाता है।
हस्तोत्तानासन करने का सही तरीका
सबसे पहले किसी समतल जगह पर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें और शरीर का वजन बराबर रखें। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं। हथेलियों को एक-दूसरे के सामने रखें और हाथों को ऊपर की ओर खींचें। इस दौरान कंधों, बाजुओं और शरीर के अगले हिस्से में हल्का खिंचाव महसूस हो सकता है।
![]()
अगर शरीर सहज महसूस करे तो ऊपरी हिस्से को बहुत हल्का पीछे झुका सकते हैं। कमर पर जोर न डालें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं। शुरुआत में बिना पीछे झुके केवल हाथ ऊपर उठाने का अभ्यास भी किया जा सकता है। किसी प्रशिक्षक से सही तकनीक सीखना बेहतर है।
रोज पांच मिनट अभ्यास करने से क्या फायदा?
हस्तोत्तानासन में हाथों को ऊपर ले जाने से कंधों, बाजुओं और पेट के सामने वाले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने के बाद यह गतिविधि शरीर की जकड़न कम करने में मदद कर सकती है। इस आसन का नियमित और सही अभ्यास शरीर के लचीलेपन को बनाए रखने के लिए उपयोगी हो सकता है। सांस के साथ धीरे-धीरे गतिविधि करने से व्यक्ति अपने शरीर की स्थिति और खिंचाव पर भी ध्यान दे पाता है।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि केवल पांच मिनट हस्तोत्तानासन करने से हर व्यक्ति का कमर दर्द ठीक हो जाएगा। इसके लिए वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। पांच मिनट को एक छोटे अभ्यास सत्र के रूप में अपनाया जा सकता है, कोई निश्चित उपचार अवधि नहीं।
डेस्क जॉब करने वाले इन बातों पर भी दें ध्यान
दिनभर बैठकर काम करने वालों को केवल योगासन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। काम के बीच थोड़ी देर खड़े होना, कुछ कदम चलना और बैठने की स्थिति बदलना भी जरूरी है। कंप्यूटर की स्क्रीन आंखों के सामने रखें और ऐसी कुर्सी इस्तेमाल करें जिससे पीठ को सहारा मिले। लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहने से बचें।
नियमित पैदल चलना और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना भी फायदेमंद हो सकता है। कमर की मामूली अकड़न में हल्की गतिविधियां मदद कर सकती हैं, लेकिन लगातार रहने वाले दर्द की वजह समझना जरूरी है।
किन लोगों को हस्तोत्तानासन करते समय सावधानी रखनी चाहिए?
जिन लोगों को कमर या गर्दन में गंभीर दर्द, रीढ़ की चोट या डिस्क से जुड़ी परेशानी है, उन्हें इस आसन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। चक्कर आने, संतुलन बिगड़ने या गंभीर हृदय संबंधी समस्या होने पर भी विशेषज्ञ का मार्गदर्शन लेना बेहतर है। अभ्यास के दौरान तेज दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। यदि कमर दर्द के साथ पैरों में कमजोरी, सुन्नपन या पेशाब पर नियंत्रण में बदलाव जैसी परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।











