लखनऊ की स्नातक और शिक्षक एमएलसी सीटों पर मंगलवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई है। भाजपा उम्मीदवार अवनीश सिंह ने सभी 11 सीटें जीतने का दावा किया, जबकि सपा की कांती सिंह ने मतदान में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक सीटों पर मंगलवार, 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती शुरू हो गई। रमाबाई आंबेडकर रैली मैदान में सुबह आठ बजे से मतगणना कराई जा रही है। दोनों सीटों पर कुल 29 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह ने अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताया है। वहीं समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कांती सिंह ने मतदान के दौरान कुछ बूथों पर बेईमानी होने का आरोप लगाया है।
रमाबाई मैदान में दो अलग-अलग हॉल में हो रही मतगणना
लखनऊ में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के वोटों की गिनती के लिए अलग-अलग इंतजाम किए गए हैं। रमाबाई आंबेडकर रैली मैदान के हॉल नंबर सात में स्नातक सीट और हॉल नंबर आठ में शिक्षक सीट के मतपत्र गिने जा रहे हैं।
दोनों हॉल में 14-14 टेबल लगाई गई हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 16 उम्मीदवार हैं, जबकि शिक्षक सीट पर 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। मतगणना कर्मचारियों के साथ उम्मीदवारों के एजेंट भी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, हर टेबल पर चार कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। पूरी मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही है। केंद्र के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
अवनीश सिंह बोले- भाजपा सभी 11 सीटें जीतेगी
लखनऊ खंड स्नातक सीट से भाजपा उम्मीदवार अवनीश कुमार सिंह ने मतगणना शुरू होने के बाद अपनी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सभी 11 सीटों पर भाजपा को सफलता मिलेगी।
अवनीश सिंह ने चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का जिक्र किया। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं ने मतदान के दौरान पूरी जिम्मेदारी से काम किया और मतदाताओं का समर्थन भाजपा के पक्ष में रहा।
हालांकि, यह उम्मीदवार का चुनावी दावा है। किस सीट पर कौन जीतेगा, इसका फैसला मतगणना पूरी होने के बाद घोषित आधिकारिक परिणाम से ही होगा।
कांती सिंह ने मतदान के दौरान बेईमानी के आरोप लगाए
समाजवादी पार्टी की स्नातक सीट की उम्मीदवार कांती सिंह ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बूथों पर बेईमानी हुई थी।
कांती सिंह के आरोपों ने मतगणना के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस बढ़ा दी है। हालांकि, किन बूथों पर क्या गड़बड़ी हुई और इस संबंध में निर्वाचन अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की, इसकी पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इन आरोपों को फिलहाल सपा उम्मीदवार का पक्ष ही माना जा सकता है। किसी बूथ पर अनियमितता हुई थी या नहीं, यह संबंधित जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट होगा।
शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी और सुशील कुमार मैदान में
लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने उमेश द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने समाजवादी पार्टी के सुशील कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं।
वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह और सपा की कांती सिंह के अलावा 14 अन्य उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों सीटों पर राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं।
मतगणना में 48 घंटे तक लगने का अनुमान
लखनऊ की दोनों एमएलसी सीटों पर वोटों की गिनती सामान्य चुनावों से अलग तरीके से होती है। यहां मतदाता उम्मीदवारों को पहली, दूसरी और आगे की वरीयता के अनुसार वोट देते हैं।
मतगणना की शुरुआत मतपेटियों में मिले मतपत्रों की संख्या का फॉर्म-16 से मिलान करके की जाती है। इसके बाद 50-50 मतपत्रों के बंडल तैयार होते हैं और टेबल के अनुसार वोट गिने जाते हैं।
पहली वरीयता के वोटों से किसी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी संख्या नहीं मिलती, तो अगली वरीयता के वोट भी गिने जाते हैं। इसी वजह से मतगणना लंबी चल सकती है। पूरी प्रक्रिया में कम से कम 48 घंटे लगने का अनुमान बताया गया है। हालांकि, अंतिम नतीजे का समय गिनती की प्रगति पर निर्भर करेगा।
मतगणना स्थल पर सीसीटीवी और पुलिस का पहरा
रमाबाई आंबेडकर रैली मैदान में मतगणना के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने अधिकृत कर्मचारियों और एजेंटों के प्रवेश की व्यवस्था की है।
लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. के आदेश के अनुसार, मतगणना स्थल के आठ किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों, बार, मॉडल शॉप और भांग की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना के दौरान बिजली की आपूर्ति बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर जनरेटर की व्यवस्था करने के निर्देश भी मिले हैं।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। प्रदेश की सभी 11 सीटों पर कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं।
चुनाव में कुल 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए थे। हालांकि, इन आरोपों से किसी विशेष सीट का चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
लखनऊ की दोनों सीटों पर मतगणना पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी विजेता उम्मीदवारों के नाम घोषित करेंगे। शुरुआती रुझान और अंतिम परिणाम में अंतर हो सकता है, इसलिए आधिकारिक घोषणा के बाद ही किसी उम्मीदवार की जीत तय मानी जाएगी।








