पंजाब के गांवों तक पहुंचेंगी 100 नई मिनी बसें, सीएम भगवंत मान ने दिखाई हरी झंडी, जानें कहां चलेंगी

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पटियाला से 100 नई मिनी बसें रवाना कीं। ये बसें नौ डिपो से ग्रामीण इलाकों में चलेंगी। नवंबर में 309 और बसें आएंगी। जानें रूट।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पटियाला में 100 नई मिनी बसों को रवाना किया है। ये बसें नौ डिपो से ग्रामीण इलाकों में चलेंगी। सरकार ने नवंबर में 309 और बड़ी बसें शामिल करने की घोषणा भी की है।

पटियाला: पंजाब के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए बसों की सुविधा बढ़ने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार, 26 अक्टूबर को पटियाला में पीआरटीसी की 100 नई मिनी बसों को हरी झंडी दिखाई। इन बसों को गांवों और छोटे कस्बों के रास्तों पर चलाया जाएगा, जहां लोगों को शहर आने-जाने में परेशानी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर गांव तक बस सेवा पहुंचाना है।|

29 सीटों वाली बसें गांवों से शहरों तक चलेंगी

पंजाब सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बसों की संख्या बढ़ाने के लिए पीआरटीसी के बेड़े में 100 नई मिनी बसें शामिल की हैं। इन सभी बसों में 29 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है।

पंजाब के गांवों तक पहुंचेंगी 100 नई मिनी बसें, सीएम भगवंत मान ने दिखाई हरी झंडी, जानें कहां चलेंगी

नई बसों को नौ डिपो से चलाया जाएगा। इनका इस्तेमाल गांवों और छोटे कस्बों को नजदीकी शहरों से जोड़ने के लिए होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कई ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजाना काम के लिए शहर जाना पड़ता है। नियमित बस सुविधा नहीं होने पर उन्हें निजी वाहनों या दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

सरकार का दावा है कि नई बसें शुरू होने से ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे खासकर उन लोगों को सुविधा मिलेगी, जो रोजाना स्कूल, कॉलेज या नौकरी के लिए सफर करते हैं।

पटियाला को मिलीं सबसे ज्यादा 25 मिनी बसें

नई बसों के वितरण में पटियाला डिपो को सबसे अधिक 25 बसें दी गई हैं। इसके बाद बठिंडा और चंडीगढ़ डिपो को 15-15 बसें मिली हैं।

संगरूर डिपो को 10, बरनाला को नौ और बुढलाडा को आठ बसें आवंटित की गई हैं। कपूरथला में सात, फरीदकोट में छह और लुधियाना डिपो में पांच बसें शामिल होंगी।

इस तरह सभी नौ डिपो को कुल 100 मिनी बसें आवंटित की गई हैं। हालांकि, कौन-सी बस किस गांव से होकर जाएगी और उसका समय क्या होगा, इसकी पूरी रूटवार सूची अभी उपलब्ध नहीं है।

नवंबर में 309 और बड़ी बसें चलाने की घोषणा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि सरकार सार्वजनिक परिवहन का बेड़ा और बढ़ाने जा रही है। इसके तहत नवंबर 2026 में पीआरटीसी में 309 नई बड़ी बसें शामिल करने की योजना है।

मान के मुताबिक, पंजाब में लगभग तीन हजार निजी मिनी बसें भी गांवों, कस्बों और शहरों के बीच चल रही हैं। सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने के साथ इन सेवाओं से भी लोगों को परिवहन की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को भी शहरों जैसी जरूरी सुविधाओं तक पहुंच मिले।

150 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

नई मिनी बसों के संचालन से करीब 150 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इनमें मुख्य रूप से चालक और परिचालक के पद शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 15 युवाओं को परिवहन विभाग में नौकरी के नियुक्ति पत्र भी सौंपे।

सरकार के मुताबिक, बस सेवाओं का विस्तार करने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, बाकी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया और नियुक्तियों का विस्तृत कार्यक्रम अभी स्पष्ट नहीं है।

विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को मिलेगी सुविधा

पंजाब के कई गांवों से छात्र पढ़ाई के लिए रोजाना नजदीकी शहरों में जाते हैं। बसों की संख्या कम होने पर उन्हें आने-जाने में दिक्कत होती है।

इसी तरह नौकरी करने वाले लोगों, छोटे दुकानदारों और किसानों को भी शहरों तक पहुंचने के लिए परिवहन की जरूरत पड़ती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस सेवाएं बेहतर होने से ग्रामीण लोगों को स्कूल, कॉलेज, बाजार, मंडियों और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

नई बसों के संचालन से ग्रामीण यात्रियों को कितनी राहत मिलेगी, यह उनके रूट और बसों के समय पर भी निर्भर करेगा।

पिछली सरकारों पर भगवंत मान ने उठाए सवाल

बसों को रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री ने पंजाब की पिछली सरकारों पर ग्रामीण परिवहन व्यवस्था की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

उनका कहना था कि पहले गांवों से शहरों तक चलने वाली कई बस सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इससे ग्रामीण लोगों को पढ़ाई, रोजगार और जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानी होती थी।

मान ने कहा कि जिस तरह उनकी सरकार हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने पर काम कर रही है, उसी तरह हर गांव तक बस पहुंचाना भी लक्ष्य है। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को ग्रामीण लोगों के जीवन की जरूरी सुविधा बताया।

पटियाला में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद रहे।

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