CM डीके शिवकुमार पर कुमारस्वामी का बड़ा आरोप, बोले- देवेगौड़ा परिवार को खत्म करने के लिए 600 करोड़ की सुपारी

Karnataka Politics: एचडी कुमारस्वामी ने CM डीके शिवकुमार पर देवेगौड़ा परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए 600 करोड़ की कथित सुपारी का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर देवेगौड़ा परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए 600 करोड़ रुपये की कथित सुपारी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन मामले में निष्पक्ष जांच मांगी है।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता एचडी कुमारस्वामी के बीच विवाद बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए 600 करोड़ रुपये की कथित डील की गई थी। उन्होंने इसके पीछे मुख्यमंत्री शिवकुमार की भूमिका होने का दावा किया है। रविवार, 25 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने यह आरोप लगाया। हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कथित डील का कोई प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। 

कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री पर क्या आरोप लगाए?

कुमारस्वामी का कहना है कि देवेगौड़ा परिवार को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिशें लंबे समय से चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के खिलाफ कई साजिशें रची हैं और 600 करोड़ रुपये का कथित सौदा भी इसी का हिस्सा है।

कुमारस्वामी ने कहा कि उनके परिवार को खत्म करने की बात करने वाले व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि राज्य के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की।

यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि कुमारस्वामी ने परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के संदर्भ में आरोप लगाए हैं। कथित सुपारी को लेकर हत्या की साजिश का दावा भी रिपोर्टों में सामने आया है, लेकिन उसकी पुष्टि करने वाला कोई सार्वजनिक सबूत उपलब्ध नहीं है। 

सिद्धारमैया के कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा विवाद

कुमारस्वामी के आरोप पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन के विवाद के बीच सामने आए हैं। यह मामला एक वीडियो रिकॉर्डिंग और उसके सोशल मीडिया पर प्रसार से संबंधित है।

रिपोर्टों के मुताबिक, कथित स्टिंग से जुड़ा एक पुराना वीडियो सितंबर 2026 में दोबारा चर्चा में आया था। इसके बाद रिकॉर्डिंग तैयार करने वाले लोगों और उसे सार्वजनिक करने वालों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने के बजाय जेडीएस कार्यकर्ताओं की ओर मोड़ी जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि जिन लोगों ने कथित स्टिंग किया, उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। 

कांग्रेस नेतृत्व को प्रभावित करने का भी दावा

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन का इस्तेमाल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के लिए किया गया था। उनका दावा है कि रिकॉर्डिंग के जरिए तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर दबाव बनाने और शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता तैयार करने की कोशिश हुई।

हालांकि, इस आरोप की पुष्टि करने वाले दस्तावेज या जांच निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।

डीके शिवकुमार ने 3 जून 2026 को सिद्धारमैया की जगह कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले वह राज्य के उपमुख्यमंत्री थे। ऐसे में पुराने कथित स्टिंग ऑपरेशन और नेतृत्व परिवर्तन के बीच संबंध होने का कुमारस्वामी का दावा राजनीतिक विवाद का हिस्सा बना हुआ है। 

गृह मंत्री प्रियांक खरगे पर भी उठाए सवाल

कुमारस्वामी ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में जेडीएस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कथित रिकॉर्डिंग से सीधे जुड़े लोगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।

इस बीच सिद्धारमैया के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने भी आरोप लगाया कि इस प्रकरण में कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका हो सकती है। कुमारस्वामी ने पुलिस से मामले के वास्तविक जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। 

जांच के लिए सरकार को पांच दिन का समय

केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार को कथित स्टिंग मामले की जांच में ठोस प्रगति दिखाने के लिए पांच दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य जांच को प्रभावित करना नहीं, बल्कि मामले की सच्चाई सामने लाना है। कुमारस्वामी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर उपस्थित रहने और मांगी गई सामग्री उपलब्ध कराने की सलाह दी। 

आरोपों पर अभी तक नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि

कुमारस्वामी के आरोपों पर डीके शिवकुमार की तत्काल सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। कथित 600 करोड़ रुपये की डील को साबित करने वाली कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल पूरा विवाद राजनीतिक आरोपों और कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच के इर्द-गिर्द घूम रहा है। अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मुख्यमंत्री शिवकुमार इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं।

कर्नाटक की राजनीति और इस मामले में होने वाली आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी बयान और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के अपडेट देखते रहें।

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