दिल्ली रैली से पहले हरियाणा कांग्रेस ने बदले जिला प्रभारी, पूर्व विधायकों और सांसदों को सौंपी जिम्मेदारी

Haryana Congress: दिल्ली में 1 नवंबर की वोट बचाओ, देश बचाओ रैली से पहले हरियाणा कांग्रेस ने जिला प्रभारी बदले। पूर्व विधायकों और सांसदों को नई जिम्मेदारी दी गई।

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली के लिए हरियाणा कांग्रेस ने जिला प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। मौजूदा विधायकों के बजाय कई पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व मंत्रियों को कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।

चंडीगढ़: कांग्रेस की एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली से पहले हरियाणा में संगठनात्मक तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी ने विभिन्न जिलों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए अब कई पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों को कमान सौंपी है। पहले यह काम मौजूदा विधायकों को दिया गया था। नई व्यवस्था के तहत जिला प्रभारी कार्यकर्ताओं को रैली तक पहुंचाने और वापस लाने के इंतजाम देखेंगे। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि हरियाणा से ज्यादा से ज्यादा लोग दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचें।

दिल्ली रैली से पहले क्यों बदले गए जिला प्रभारी?

कांग्रेस ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत एक नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी जनसभा रखी है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के दूसरे नेताओं के शामिल होने की योजना है।

रैली की तैयारियों के लिए हरियाणा कांग्रेस ने पहले मौजूदा विधायकों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी थी। अब इनमें बदलाव करते हुए कई पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इससे पहले 22 अक्टूबर को कांग्रेस ने सांसदों और विधायकों सहित 22 नेताओं को जिला प्रभारी बनाया था। नई जिम्मेदारियों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तैयारियों को आगे बढ़ाना और रैली में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना बताया गया है।

गुरुग्राम से सिरसा तक इन नेताओं को मिली कमान

नई व्यवस्था में गुरुग्राम जिले की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धर्मपाल मलिक को दी गई है। फरीदाबाद में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर को प्रभारी बनाया गया है। महेंद्रगढ़ की कमान हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा को सौंपी गई है।

चरखी दादरी में पूर्व सांसद कैलाशो देवी, पानीपत में पूर्व सांसद शादीलाल बत्रा और झज्जर में पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा को जिम्मेदारी मिली है। सोनीपत में पूर्व मंत्री आनंद सिंह डांगी और सिरसा में पूर्व मंत्री जसवंत सिंह बावल को प्रभारी बनाया गया है।

इसके अलावा पलवल में पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, कुरुक्षेत्र में पूर्व मंत्री भीमसेन मेहता और हिसार में पूर्व मंत्री रामभज को संगठनात्मक तैयारियों की जिम्मेदारी दी गई है।

अंबाला में पूर्व विधायक निशान सिंह, कैथल में पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा और रेवाड़ी में पूर्व विधायक सुखविंदर सिंह मांढ़ी को जिम्मेदारी मिली है।

पंचकूला, रोहतक और करनाल में भी नए प्रभारी

हरियाणा कांग्रेस ने दूसरे जिलों में भी अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी दी है। पंचकूला में पूर्व विधायक कृष्ण कंबोज और जींद में पूर्व विधायक संताकुमार को प्रभारी बनाया गया है।

रोहतक में पूर्व विधायक सुखबीर फरमाणा, फतेहाबाद में पूर्व विधायक शिवशंकर भारद्वाज और भिवानी में पूर्व विधायक कुलवीर बेनीवाल रैली की तैयारियां देखेंगे।

करनाल में पूर्व विधायक रणधीर गोलन, यमुनानगर में पूर्व विधायक लहरी सिंह और नूंह में पूर्व विधायक बख्शीष सिंह विर्क को जिम्मेदारी दी गई है। हांसी में पूर्व विधायक पदम सिंह दहिया को प्रभारी बनाया गया है।

इन नेताओं को अपने क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क करने और दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए व्यवस्थाएं बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

केसी वेणुगोपाल ने बैठक में दिए थे निर्देश

दिल्ली रैली की तैयारियों को लेकर 23 अक्टूबर को कांग्रेस मुख्यालय में बैठक हुई थी। इसमें पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा ने हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के नेताओं के साथ तैयारियों की समीक्षा की थी।

बैठक में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।

कांग्रेस नेतृत्व ने सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और जिलाध्यक्षों को अपने क्षेत्रों से लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए काम करने को कहा था। इसके साथ रैली में आने-जाने वाले लोगों के लिए परिवहन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई थी।

दिल्ली में वाहनों को लेकर भी बरतनी होगी सावधानी

रैली में हरियाणा से बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली पहुंचने की संभावना को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को भी महत्व दिया जा रहा है।

पार्टी पदाधिकारियों को ऐसे वाहनों का इंतजाम करने के लिए कहा गया है, जिन पर दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रेप के तहत कोई पाबंदी लागू न हो।

रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्रों से दिल्ली ले जाने और कार्यक्रम के बाद वापस पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं के पास रहेगी।

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों के कारण कुछ श्रेणियों के वाहनों पर प्रतिबंध लग सकते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने परिवहन व्यवस्था बनाते समय लागू नियमों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस ने इस रैली को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के खिलाफ चल रहे अपने अभियान से जोड़ा है।

पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों में संशोधन के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस इस मामले में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रही है।

हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा है कि एक नवंबर की रैली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।

हालांकि, मतदाता सूची में जानबूझकर नाम हटाने के कांग्रेस के आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। कांग्रेस का कहना है कि उसका अभियान हर पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए है।

हरियाणा से ज्यादा लोगों को दिल्ली पहुंचाने पर जोर

हरियाणा की दिल्ली से निकटता को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने प्रदेश इकाई को रैली में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है। पार्टी के जिला और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को तैयारियों में शामिल किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के मुताबिक, कार्यकर्ताओं को मतदाता सूचियों से जुड़ी शिकायतों की जानकारी जुटाने और लोगों को मतदान अधिकारों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

कांग्रेस इस रैली के जरिए मतदाता सूची से जुड़े अपने मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है। दूसरी ओर, जिला प्रभारियों में हुए बदलाव से यह भी स्पष्ट है कि पार्टी संगठनात्मक तैयारियों में पूर्व जनप्रतिनिधियों की भूमिका बढ़ा रही है।

अब एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली में हरियाणा से कितने कार्यकर्ता पहुंचते हैं और कांग्रेस नेतृत्व आगे क्या घोषणा करता है, इस पर नजर रहेगी।

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