आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा चक्रवात अर्नब, 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका, 21 बचाव टीमें तैयार

अमरावती: आंध्र प्रदेश में 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब के तट से टकराने की आशंका। 140 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा। NDRF-SDRF की 21 टीमें तैयार।

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को अलर्ट किया है। बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की 21 टीमें तैयार हैं।

अमरावती: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच समुद्री तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। कुछ जगहों पर 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी हवा चल सकती है। तूफान के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। रविवार को उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की जानकारी ली। राहत और बचाव के लिए NDRF की 10 और SDRF की 11 टीमें तैयार रखी गई हैं।

28 अक्टूबर को कहां टकरा सकता है तूफान?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पहले गहरे दबाव में बदला और सोमवार, 26 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान अर्नब बन गया।मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 अक्टूबर तक तूफान और ताकतवर हो सकता है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के समुद्री तट को पार कर सकता है।

बापटला से विशाखापत्तनम के बीच तटवर्ती इलाके इसके रास्ते में आ सकते हैं। खासकर कोनासीमा, यनम और काकीनाडा के आसपास के क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर है। हालांकि, तूफान के पहुंचने की सही जगह और समय में बदलाव हो सकता है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में 27 और 28 अक्टूबर को भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और कोनासीमा समेत कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। कृष्णा और बापटला जिलों में भी भारी बारिश का खतरा बताया गया है।

तेज बारिश से निचले इलाकों में पानी भर सकता है। समुद्र के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और पहले से समुद्र में मौजूद नावों को वापस बुलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को हुई बैठक में कहा कि तूफान के दौरान लोगों की जान बचाना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से नुकसान कम करने के लिए पहले ही जरूरी इंतजाम करने को कहा।

नायडू ने सभी प्रभावित जिलों में कंट्रोल रूम चालू रखने और लोगों तक मौसम की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया है कि तूफान से जुड़ी चेतावनियां मोबाइल फोन के जरिए भी भेजी जाएं।

मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग को भी तैयार रहने को कहा है। तेज हवा से बिजली के खंभे या तार गिरने की स्थिति में मरम्मत का काम जल्द शुरू करने की व्यवस्था रखने को कहा गया है।

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खास इंतजाम

राज्य सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट किया है। जिन इलाकों में जलभराव या सड़क बंद होने का खतरा है, वहां गर्भवती महिलाओं को पहले ही सुरक्षित अस्पतालों में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए भी जरूरी सुविधाएं रखने को कहा गया है। राहत शिविरों में पीने का पानी, भोजन और दवाओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

NDRF और SDRF की 21 टीमें रहेंगी तैयार

तूफान से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 10 और राज्य आपदा मोचन बल की 11 टीमों को तैयार रखा गया है।

इन टीमों की मदद से जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने और बंद रास्तों को खोलने की तैयारियां भी कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपस में तालमेल रखने के लिए कहा है, ताकि किसी क्षेत्र में परेशानी होने पर मदद पहुंचाने में देरी न हो।

ओडिशा में भी भारी बारिश का खतरा

चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने दक्षिणी ओडिशा के कुछ जिलों में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी दी है।

इनमें गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, रायगड़ा और कोरापुट शामिल हैं। तेज हवाओं और बारिश को देखते हुए प्रशासन को तैयार रहने के लिए कहा गया है।

फिलहाल तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की सलाह दी गई है। समुद्र किनारे जाने से बचें और प्रशासन की ओर से सुरक्षित जगह जाने का निर्देश मिलने पर उसका पालन करें।

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