द्वाराहाट में पंचायत प्रतिनिधियों का प्रदर्शन, रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति और मनरेगा भुगतान को लेकर उठाई मांग

अल्मोड़ा के द्वाराहाट में पंचायत प्रतिनिधियों ने रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति और मनरेगा भुगतान की मांग की। विधायकों को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

अल्मोड़ा के द्वाराहाट में पंचायत प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य सेवाओं और मनरेगा से जुड़ी परेशानियों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने विधायकों को दस सूत्रीय मांगपत्र सौंपा और गैरसैंण विधानसभा सत्र में गांवों की समस्याएं उठाने की अपील की।

अल्मोड़ा: द्वाराहाट में गांवों की लंबित समस्याओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। ब्लॉक प्रमुख आरती किरौला के नेतृत्व में ग्राम प्रधान संगठन के सदस्य मुख्य चौराहे पर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रतिनिधियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, मनरेगा के रुके भुगतान और पंचायतों पर बढ़ रहे वित्तीय बोझ का मुद्दा उठाया। उन्होंने गैरसैंण जा रहे विधायकों से भी मुलाकात की और विधानसभा में इन समस्याओं पर चर्चा कराने की मांग रखी।

द्वाराहाट के मुख्य चौराहे पर जुटे ग्राम प्रधान

द्वाराहाट में सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। ब्लॉक प्रमुख आरती किरौला के साथ विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान मुख्य चौराहे पर पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी की और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की।

द्वाराहाट में पंचायत प्रतिनिधियों का प्रदर्शन, रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति और मनरेगा भुगतान को लेकर उठाई मांग

प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों का कहना था कि गांवों की कई जरूरी समस्याएं अब तक हल नहीं हो सकी हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से लेकर पंचायतों के कामकाज और योजनाओं के भुगतान तक कई मुद्दों पर कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि सरकार पहाड़ी क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसले ले।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग

प्रदर्शन के दौरान द्वाराहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने अस्पताल में इस पद पर चिकित्सक की तैनाती करने की मांग की।

प्रतिनिधियों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होना जरूरी है। पहाड़ी इलाकों के लोगों को इलाज और जांच के लिए कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी विशेषज्ञों की उपलब्धता से आसपास के गांवों के मरीजों को सुविधा मिल सकेगी।

पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मांग को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा जरूरी विषय बताते हुए इसे जल्द पूरा करने पर जोर दिया।

मनरेगा के नियम पहाड़ी क्षेत्रों के अनुसार बनाने की अपील

पंचायत प्रतिनिधियों ने मनरेगा से जुड़ी समस्याओं को भी प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने जीरामजी (मनरेगा) के अंतर्गत लागू नियमों में पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार ढील देने की मांग की।

उनका कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में काम कराने की परिस्थितियां मैदानी इलाकों से अलग होती हैं। इसलिए योजनाओं के संचालन में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

इसके अलावा मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधियों ने ग्राम पंचायतों पर पड़ने वाले अनावश्यक वित्तीय भार को कम करने और पंचायत स्तर से संबंधित विभागीय कार्यों के हस्तांतरण का मुद्दा उठाया।

यशपाल आर्या समेत कई विधायकों को सौंपा मांगपत्र

प्रदर्शन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने गैरसैंण विधानसभा सत्र में शामिल होने जा रहे कई नेताओं से मुलाकात की। इनमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और स्थानीय विधायक मदन सिंह बिष्ट शामिल रहे।

इसके अलावा कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत, किच्छा के विधायक तिलकराज बेहड़ और हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश को भी मांगपत्र सौंपा गया।

प्रतिनिधियों ने अपने पत्र में पंचायतों से जुड़ी दस लंबित मांगों का उल्लेख किया। उन्होंने विधायकों से कहा कि ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को विधानसभा में उठाया जाए, ताकि सरकार का ध्यान इनकी ओर जाए और समाधान के लिए कार्रवाई हो सके।

27 अक्टूबर को गैरसैंण जाने का ऐलान

पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को गैरसैंण जाने की घोषणा भी की है। उनका उद्देश्य विधानसभा सत्र के दौरान अपनी मांगों को सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने रखना है।

उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण के भराड़ीसैंण में शुरू हो रहा है। इस दौरान अनुपूरक बजट और विधायी कार्यों पर चर्चा प्रस्तावित है।

पंचायत प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि विधानसभा में उनकी समस्याओं का मुद्दा उठने से संबंधित विभागों तक बात पहुंचेगी। हालांकि, मांगों पर सरकार की ओर से किसी निर्णय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

प्रदर्शन में कई गांवों के प्रधान रहे मौजूद

द्वाराहाट में हुए प्रदर्शन में ग्राम प्रधान संगठन से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें किशन सिंह कुवार्बी, मनोज मेहरा, प्रकाश अधिकारी, पंकज बिष्ट, मोहन किरौला, दीपक अधिकारी, राजेंद्र सिंह और हिमांशु पांडे शामिल रहे।

इसके अलावा हिम्मत आर्या, किरन चौधरी, बीना कबडवाल और लीला भंडारी समेत अन्य ग्राम प्रधान भी मौजूद थे।

प्रतिनिधियों ने साफ किया कि उनकी मांगें गांवों की स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार योजनाओं और पंचायतों के कामकाज से संबंधित हैं। अब उनकी नजर गैरसैंण विधानसभा सत्र पर है, जहां वे इन समस्याओं को उठाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।

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