असम के कछार में ₹60 लाख की हेरोइन जब्त, सिलचर बाइपास पर एक संदिग्ध गिरफ्तार

असम के कछार जिले में असम राइफल्स और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर करीब 60 लाख रुपये की हेरोइन जब्त की है। सिलचर बाइपास पर हुई कार्रवाई में एक संदिग्ध पकड़ा गया।

असम के कछार जिले में असम राइफल्स और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर करीब 60 लाख रुपये की हेरोइन जब्त की है। सिलचर बाइपास पर हुई कार्रवाई में एक संदिग्ध पकड़ा गया। उसके पास से यामाहा मोटरसाइकिल भी बरामद हुई।

सिलचर: असम के कछार जिले में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को असम राइफल्स और पुलिस ने मिलकर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की। सिलचर बाइपास रोड पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली गई। इस दौरान साबुन के सात डिब्बों में रखी करीब 100 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। अधिकारियों ने इसकी अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये बताई है। टीम ने एक यामाहा मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर हेरोइन ले जाने में किया जा रहा था। पकड़ा गया व्यक्ति कछार जिले के बिश्नुपुर का रहने वाला है। उसे बरामद सामान के साथ कछार पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

गुप्त सूचना के बाद सिलचर बाइपास पर हुई कार्रवाई

कछार जिले में नशीले पदार्थों की आवाजाही को लेकर सुरक्षाबल लगातार निगरानी कर रहे हैं। शुक्रवार को असम राइफल्स को मिली विशेष सूचना के आधार पर कछार पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। टीम ने सिलचर बाइपास रोड पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका।

तलाशी के दौरान उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद होने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, हेरोइन छोटे डिब्बों में रखी गई थी। इसके बाद व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके वाहन की भी जांच की गई।

कार्रवाई में असम राइफल्स और जिला पुलिस दोनों शामिल थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अभियान किस समय शुरू हुआ था और संदिग्ध को बाइपास रोड के किस हिस्से से पकड़ा गया।

शुरुआती जानकारी में किसी दूसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं है। पुलिस अब पकड़े गए व्यक्ति से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

साबुन के सात डिब्बों में रखी थी करीब 100 ग्राम हेरोइन

संयुक्त टीम को तलाशी में साबुन रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले सात डिब्बे मिले। इन्हें खोलकर देखने पर अंदर संदिग्ध नशीला पदार्थ मिला। अधिकारियों ने बताया कि सभी डिब्बों से बरामद हेरोइन का कुल वजन लगभग 100 ग्राम है।

नशीले पदार्थ को छोटे डिब्बों में रखकर ले जाने के मामले कछार में पहले भी सामने आए हैं। हालांकि इस घटना में किस तरह के डिब्बों का इस्तेमाल हुआ था और उनमें कितनी-कितनी मात्रा रखी गई थी, इसका अलग विवरण जारी नहीं हुआ है।

बरामद सामग्री को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। कानूनी प्रक्रिया में पदार्थ की पहचान, उसका वजन और अन्य जरूरी तथ्यों का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में हेरोइन की लैब जांच की रिपोर्ट शामिल नहीं है। ऐसे में पदार्थ की अंतिम रासायनिक पुष्टि के बारे में कोई अलग दावा नहीं किया जा सकता।

यामाहा बाइक भी जब्त, वाहन का इस्तेमाल जांच के दायरे में

हेरोइन के साथ एक यामाहा मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। अधिकारियों को संदेह है कि इसी वाहन से नशीले पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा रहा था।

पुलिस को अब यह पता लगाना होगा कि मोटरसाइकिल किसके नाम पर पंजीकृत है और घटना के समय उसे कौन चला रहा था। वाहन का इस्तेमाल केवल इस खेप के लिए हुआ था या पहले भी ऐसे किसी मामले से उसका संबंध रहा है, इस बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है।

मोटरसाइकिल का पंजीकरण नंबर, मॉडल और उसकी खरीद से जुड़े विवरण भी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। इसलिए उसके मालिक या किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका के बारे में अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

पुलिस ने वाहन को अन्य बरामद सामान के साथ अपने कब्जे में लिया है। जांच में इसकी उपयोगिता सामने आने पर उसे मामले के साक्ष्य के तौर पर पेश किया जा सकता है।

बिश्नुपुर का रहने वाला है पकड़ा गया व्यक्ति

संयुक्त अभियान में पकड़े गए व्यक्ति को कछार जिले के बिश्नुपुर इलाके का निवासी बताया गया है। असम राइफल्स ने उसे जब्त हेरोइन और मोटरसाइकिल के साथ कछार पुलिस को सौंप दिया।

अभी व्यक्ति का नाम, उम्र और पेशे से जुड़ा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह कथित तौर पर इस खेप को कहां से लेकर आया था और किसे पहुंचाने वाला था।

इन सवालों के जवाब जांच के दौरान सामने आ सकते हैं। पुलिस को यह भी देखना होगा कि व्यक्ति अकेले काम कर रहा था या उसके संपर्क में दूसरे लोग भी थे।

हालांकि अभी किसी बड़े गिरोह या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से उसके जुड़े होने का प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है। हिरासत और गिरफ्तारी के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता। इसकी कानूनी जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

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