1 नवंबर की रैली से पहले अमित शाह की हाईलेवल बैठक, दिल्ली की सुरक्षा पर मंथन

1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली से पहले अमित शाह ने दिल्ली में हाईलेवल सुरक्षा बैठक की। जानें कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर क्या चर्चा हुई।

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। तीन घंटे चली बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। कानून-व्यवस्था और हालिया प्रदर्शनों पर चर्चा हुई।

नई दिल्ली: इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित महारैली से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की। शनिवार, 24 अक्टूबर को हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। करीब तीन घंटे तक राजधानी की कानून-व्यवस्था, हालिया विरोध प्रदर्शनों और बड़ी भीड़ को संभालने की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस और उसके सहयोगी दल 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने जा रहे हैं। 

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में तीन घंटे चली सुरक्षा बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार दोपहर करीब तीन बजे जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे। यहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें राजधानी की सुरक्षा स्थिति और पुलिस की मौजूदा तैयारियों की जानकारी दी।

1 नवंबर की रैली से पहले अमित शाह की हाईलेवल बैठक, दिल्ली की सुरक्षा पर मंथन

बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अलावा गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। पुलिस की कार्यप्रणाली, चल रही जांच और अपराध नियंत्रण के उपायों की भी समीक्षा की गई।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने, विदेशों से संचालित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई और महिलाओं से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण जैसे विषय भी बैठक में शामिल रहे। अमित शाह चार साल से अधिक समय बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे। इससे पहले उनका दौरा 30 अगस्त 2022 को हुआ था। 

पिछले पांच महीनों के प्रदर्शनों पर भी हुई चर्चा

दिल्ली में हाल के महीनों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कुछ प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें भी सामने आई थीं।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा समीक्षा में पिछले पांच महीनों के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और भीड़ नियंत्रण से जुड़े अनुभवों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बैरिकेडिंग, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और संभावित हिंसा रोकने के उपायों पर भी विचार किया।

बैठक में खुफिया सूचनाओं के बेहतर इस्तेमाल और पुलिस की तैयारियों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने बैठक में लिए गए सभी फैसलों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। 

1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की घोषणा की है। विपक्ष इस आयोजन के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाएगा।

कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। विपक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं। ये राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें अपने आप में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

कांग्रेस नेताओं ने रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है। पार्टी विभिन्न राज्यों से समर्थकों को दिल्ली लाने की तैयारी कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने आयोजन के लिए जरूरी अनुमति दे दी है। पुलिस के अनुसार, रैली के आयोजकों, यातायात पुलिस और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनी रहे। 

राहुल गांधी पर बीजेपी का हमला, राजनीतिक बयानबाजी तेज

रैली से पहले कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें विदेशी ताकतों की टूलकिट के अनुसार काम करने वाला बताया है।

बीजेपी की ओर से विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने के लिए रैली आयोजित कर रही है।

फिलहाल रैली के दौरान हिंसा या अव्यवस्था होने की आशंकाओं को लेकर कोई पुष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजकों के साथ तालमेल बनाने की बात कही है।

व्यापारियों ने राहुल गांधी से रैली टालने की मांग की

इस बीच दिल्ली के व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख बदलने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि 1 नवंबर से दिवाली की खरीदारी का महत्वपूर्ण दौर शुरू होगा। ऐसे में रामलीला मैदान के आसपास यातायात प्रतिबंध लगने से दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी हो सकती है।

CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने रैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित करने का अनुरोध किया है। संगठन ने आशंका जताई है कि भीड़ और यातायात प्रतिबंधों के कारण करीब 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ सकता है। यह व्यापारिक संगठन का अनुमान है, वास्तविक नुकसान का आंकड़ा नहीं।

रामलीला मैदान के आसपास चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार और खारी बावली जैसे बड़े व्यापारिक क्षेत्र हैं। व्यापारियों को चिंता है कि रैली के दौरान सड़कें बंद होने या रास्ते बदले जाने से त्योहार की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। 

रैली से पहले पुलिस की तैयारियों पर रहेगी नजर

एक नवंबर की रैली में शामिल होने वाले लोगों की संख्या और यातायात व्यवस्था अब प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण विषय हैं। दिल्ली पुलिस पहले ही आयोजन की अनुमति दे चुकी है और सुरक्षा इंतजामों पर संबंधित एजेंसियों के साथ काम कर रही है।

गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा बैठक में राजधानी की व्यापक सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा गया है कि बैठक केवल इंडिया गठबंधन की रैली को ध्यान में रखकर बुलाई गई थी।

Leave a comment