महिला सुरक्षा पर घिरी विजय सरकार, DMK-AIADMK का हमला, उदयनिधि बोले- कब जागेंगे मुख्यमंत्री?

चेन्नई: महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर DMK और AIADMK ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को घेरा। छात्रा से उत्पीड़न के आरोप और महिला की हत्या पर सवाल उठाए।

तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ सामने आई आपराधिक घटनाओं पर DMK और AIADMK ने मुख्यमंत्री विजय को घेरा है। उदयनिधि स्टालिन ने सरकार को 'सोफा मॉडल' बताया, जबकि पलानीस्वामी ने महिला सुरक्षा के लिए बनाई गई स्पेशल फोर्स पर सवाल उठाए।

चेन्नई: तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ सामने आई कुछ गंभीर आपराधिक घटनाओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विपक्षी दल DMK और AIADMK ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उनकी सरकार को 'सोफा मॉडल' बताया। वहीं, AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष पुलिस इकाई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विवाद की वजह तूतीकोरिन में एक महिला की हत्या और कन्याकुमारी में कॉलेज छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न का मामला है।

उदयनिधि स्टालिन ने पूछा- कब नींद से जागेंगे मुख्यमंत्री?

उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तमिलनाडु में हुई कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।

DMK नेता ने विजय की सरकार को 'सोफा मॉडल' बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने के बजाय रील बनाने में ज्यादा व्यस्त दिखाई देते हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर मुख्यमंत्री कब अपनी नींद से जागेंगे और राज्य में अपराध रोकने के लिए ठोस कार्रवाई करेंगे।

चेन्नई की चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट से विधायक उदयनिधि ने कहा कि सरकार को सत्ता संभाले करीब पांच महीने हो चुके हैं। इसके बावजूद महिलाओं और नाबालिग बच्चियों से जुड़ी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

तूतीकोरिन में आधी रात घर में घुसकर महिला की हत्या

विपक्ष की नाराजगी के पीछे तूतीकोरिन जिले के सत्तानकुलम के पास हुई एक वारदात भी है। शुक्रवार तड़के मुदलूर गांव में एक युवक ने कथित तौर पर घर में घुसकर परिवार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में मैरी रेजिला नाम की महिला की मौत हो गई, जबकि उनके पति मुथुकृष्णन और नाबालिग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के समय परिवार के लोग घर में सो रहे थे। पुलिस के अनुसार, हमलावर ने पहले महिला और उनके परिजनों पर हमला किया। इसके बाद वह परिवार की दो नाबालिग बेटियों को अपने साथ ले गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दोनों बच्चियों को कुछ ही समय बाद सुरक्षित बरामद कर लिया। शुरुआती खबरों में कई हमलावरों की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद की पुलिस जांच में एक संदिग्ध की पहचान सामने आई।

महिला की हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार

तूतीकोरिन पुलिस ने इस मामले में ज्ञानप्रकाश नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की उम्र करीब 23 साल है और वह आनंदपुरम इलाके का रहने वाला है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी परिवार की एक नाबालिग बेटी के संपर्क में था। लड़की के परिजनों ने इस संबंध पर आपत्ति जताई थी। पुलिस इसी विवाद को हमले की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है।

वारदात में घायल पिता और बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दोनों बेटियों को आरोपी के कब्जे से सुरक्षित छुड़ा लिया। हत्या और अपहरण से जुड़े आरोपों की आगे जांच की जा रही है।

उदयनिधि स्टालिन ने इस घटना का जिक्र करते हुए पूछा कि जब परिवार अपने घर में भी सुरक्षित नहीं है, तो सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का भरोसा कैसे दिलाएगी।

कॉलेज छात्रा से उत्पीड़न के आरोप में TVK पदाधिकारी पर केस

विपक्ष ने कन्याकुमारी जिले के नागरकोइल के पास हुई एक दूसरी घटना को लेकर भी सरकार को घेरा है। यहां कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के पदाधिकारी एल. क्रिस्टोफर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।

पुलिस को दी गई शुरुआती शिकायत के अनुसार, छात्रा अपनी एक सहेली के साथ बारिश के दौरान बस का इंतजार कर रही थी। इसी बीच क्रिस्टोफर कार से वहां पहुंचे और दोनों को घर छोड़ने की पेशकश की।

आरोपी छात्रा की सहेली को पहले से जानता था। दोनों छात्राएं कार में बैठ गईं। रास्ते में सहेली के उतरने के बाद छात्रा के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न किया गया। घर पहुंचने के बाद छात्रा ने परिजनों को घटना बताई और पुलिस से शिकायत की।

थुक्कलै पुलिस ने शिकायत के आधार पर क्रिस्टोफर के खिलाफ मामला दर्ज किया। वह TVK की कन्याकुमारी केंद्रीय जिला कार्यकारिणी से जुड़ा बताया गया है।

छात्रा ने बाद में शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया

इस मामले में एक और घटनाक्रम सामने आया। पुलिस के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के अगले दिन छात्रा ने लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस लेने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया।

इसके बाद राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं ने आशंका जताई कि छात्रा पर दबाव डाला गया हो सकता है। हालांकि शिकायत वापस लेने के पीछे किसी तरह के दबाव या समझौते की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज किया जा चुका है और जांच जारी है। 23 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक क्रिस्टोफर की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

DMK सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने भी मामले में मुख्यमंत्री से जवाब मांगा। उन्होंने छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

पलानीस्वामी ने महिला सुरक्षा वाली स्पेशल फोर्स पर उठाए सवाल

AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने छात्रा से कथित उत्पीड़न की घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने अपनी सरकार को महिला सुरक्षा के मामले में सबसे आगे रखने का वादा किया था, लेकिन अब उन्हीं की पार्टी से जुड़े पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगा है।

पलानीस्वामी ने पूछा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई 'सिंगापेन स्पेशल टास्क फोर्स' आखिर कहां है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या यह विशेष इकाई भी निष्क्रिय हो गई है।

उनका कहना था कि महिला सुरक्षा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पुलिस को ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी राजनीतिक संबंध के कारण जांच प्रभावित न हो।

महिलाओं को अपने पास सुरक्षा उपकरण रखने की सलाह

पलानीस्वामी ने तमिलनाडु की महिलाओं और छात्राओं से सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यदि कोई अनजान व्यक्ति मदद करने के बहाने संपर्क करे और उसका व्यवहार संदिग्ध लगे, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

AIADMK नेता ने महिलाओं को अपने बैग में कानूनी रूप से अनुमत आत्मरक्षा उपकरण रखने की सलाह दी। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा हालात में महिलाओं को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ रही है।

उनके इस बयान का मुख्य निशाना विजय सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी नीति थी। हालांकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अपराध रोकने की जिम्मेदारी पीड़ितों पर नहीं डाली जा सकती।

क्या है सिंगापेन स्पेशल टास्क फोर्स?

तमिलनाडु में विजय सरकार ने मई 2026 में सत्ता संभालने के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष पुलिस इकाई बनाने की मंजूरी दी थी। इसका नाम 'सिंगापेन स्पेशल स्ट्राइक फोर्स' रखा गया।

इस इकाई के लिए कुल 36 पद स्वीकृत किए गए थे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी को देने की योजना बनाई गई थी। विशेष बल का काम महिलाओं के लिए असुरक्षित माने जाने वाले स्थानों की पहचान करना और वहां निगरानी बढ़ाना था।

बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और शिक्षण संस्थानों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना भी इसकी जिम्मेदारियों में शामिल था। इसके अलावा महिलाओं की शिकायतों पर कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य में मदद करने की योजना थी।

अब विपक्ष सवाल उठा रहा है कि विशेष इकाई बनने के बाद भी महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है।

पांच महीने पहले सत्ता में आई थी विजय की सरकार

अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK ने मई 2026 में तमिलनाडु की सत्ता संभाली थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया था।

पिछले कुछ दिनों में सामने आए आपराधिक मामलों ने विपक्ष को सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का मौका दिया है। DMK और AIADMK अलग-अलग राजनीतिक दल हैं, लेकिन महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दोनों ने विजय सरकार की आलोचना की है।

हालांकि कुछ घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पूरे राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। इसकी पुष्टि के लिए तुलनात्मक आधिकारिक अपराध आंकड़ों की जरूरत होगी।

TVK ने आरोपों पर क्या जवाब दिया?

कॉलेज छात्रा से जुड़े मामले में TVK के एक नेता ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोष साबित होने पर पार्टी भी कार्रवाई करेगी। हालांकि मुख्यमंत्री विजय की ओर से इन घटनाओं पर कोई विस्तृत आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया था।

दूसरी तरफ विपक्ष की मांग है कि आरोपियों के राजनीतिक संबंधों से अलग हटकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। तूतीकोरिन हत्या मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि छात्रा से उत्पीड़न के आरोप की जांच जारी है।

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