UP Election 2027: अमित शाह फिर अपनाएंगे 2017 वाला तरीका, नाराज कार्यकर्ताओं को मनाएंगे, पीएम मोदी का भी यूपी दौरा

UP Election 2027: अमित शाह 30-31 अक्टूबर को लखनऊ में BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। नाराजगी दूर करने और 2017 की रणनीति दोहराने की तैयारी है। पीएम

यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। भाजपा इस बार पुराने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने पर जोर दे रही है। अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ आ सकते हैं। वह पार्टी नेताओं से बात कर चुनाव की तैयारी का जायजा लेंगे। पीएम मोदी का भी वाराणसी दौरा तय है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भाजपा अपने संगठन की कमियां दूर करने में जुट गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी की बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस दौरान उनकी कोशिश उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की बात सुनने की होगी, जो किसी वजह से नाराज चल रहे हैं। 

पार्टी 2017 के विधानसभा चुनाव में अपनाए गए तरीके पर फिर काम करने की सोच रही है। उस समय अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और पार्टी को यूपी में बड़ी जीत मिली थी।

पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे शाह

लखनऊ में 30 और 31 अक्टूबर को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश के बड़े नेताओं के साथ जिलों से आए पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अमित शाह बैठक में चुनाव की तैयारी के साथ जिलों में चल रहे संगठन के कामकाज की जानकारी लेंगे। वह यह भी जानेंगे कि किन जगहों पर पार्टी कमजोर है और कार्यकर्ताओं को क्या दिक्कत आ रही है।

कुछ जिलों में जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी की खबरें हैं। पुराने नेताओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। चुनाव से पहले पार्टी इन मामलों को सुलझाना चाहती है। हालांकि, शाह की सभी बैठकों का अंतिम कार्यक्रम अभी साफ नहीं है।

2017 में भाजपा को कैसे मिली थी बड़ी जीत?

साल 2017 का यूपी विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए यादगार रहा था। उस समय अमित शाह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। भाजपा ने 403 में से 312 सीटें जीती थीं। सहयोगी दलों को मिलाकर यह आंकड़ा 325 तक पहुंच गया था। उस चुनाव में भाजपा ने गांवों और छोटे कस्बों में अपने संगठन पर काफी मेहनत की थी। बूथ पर काम करने वाले लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। 

छोटे दलों को साथ लाने के अलावा पार्टी ने गैरयादव पिछड़े वर्ग और गैरजाटव दलित समाज के बीच भी अपनी पकड़ बढ़ाई थी। अब 2027 के चुनाव में भी कुछ ऐसा ही करने की तैयारी है। फर्क इतना है कि इस बार प्रदेश के राजनीतिक हालात 2017 जैसे नहीं हैं।

पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी दूर करेंगे शाह

UP Election 2027: अमित शाह फिर अपनाएंगे 2017 वाला तरीका, नाराज कार्यकर्ताओं को मनाएंगे, पीएम मोदी का भी यूपी दौरा

चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा के सामने अपने ही लोगों की नाराजगी दूर करने की चुनौती है। कुछ जिलों से खबरें आई हैं कि पुराने कार्यकर्ता पार्टी में अपनी अनदेखी से खुश नहीं हैं। जिम्मेदारियां मिलने को लेकर भी शिकायतें हैं। बताया जा रहा है कि अमित शाह लखनऊ की बैठक में इन बातों पर चर्चा कर सकते हैं। 

वह उन नेताओं से भी मिल सकते हैं, जो लंबे समय से संगठन से जुड़े हैं। पार्टी नहीं चाहती कि चुनाव के समय आपसी नाराजगी का असर उसके काम पर पड़े। सहयोगी दलों के नेताओं से बातचीत करके उनकी शिकायतें दूर करने की भी कोशिश हो सकती है।

लोकसभा चुनाव में मिली हार से भाजपा ने क्या सीखा?

2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी से भाजपा को बड़ा झटका लगा था। प्रदेश की 80 सीटों में समाजवादी पार्टी ने 37 और भाजपा ने 33 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को छह सीटों पर जीत मिली थी। इन नतीजों के बाद भाजपा उन जिलों पर ज्यादा ध्यान दे रही है, जहां उसे नुकसान हुआ था। पार्टी यह समझना चाहती है कि पिछले चुनाव में कहां कमी रह गई थी।

इसी वजह से नवंबर में अमित शाह का बूथ अध्यक्षों और शक्ति केंद्र के संयोजकों से मिलने का कार्यक्रम बन सकता है। इन बैठकों में कार्यकर्ताओं से उनके इलाके की जानकारी ली जाएगी। लोगों के बीच किन मुद्दों की चर्चा है और पार्टी को कहां मेहनत करनी चाहिए, इस पर भी बात हो सकती है।

25 अक्टूबर को वाराणसी में पीएम मोदी का कार्यक्रम

यूपी में अक्टूबर के आखिरी दिनों में भाजपा के कई बड़े नेता पहुंचने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 अक्टूबर को वाराणसी दौरा प्रस्तावित है। वह नमो घाट पर भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर होने वाले एयर शो में शामिल हो सकते हैं। प्रधानमंत्री के मिर्जामुराद इलाके के खोचवां स्थित अरविंद मिल जाने का भी कार्यक्रम बताया जा रहा है। यहां वह काम करने वाली महिलाओं से मिलेंगे और उनके रोजगार व प्रशिक्षण के बारे में जानकारी लेंगे।

इसके दो दिन बाद, 27 अक्टूबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का आजमगढ़ दौरा प्रस्तावित है। वह ओमप्रकाश राजभर के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यूपी में भाजपा के साथ है।

2027 के चुनाव को लेकर भाजपा की अगली तैयारी क्या है?

यूपी में भाजपा पिछले दो विधानसभा चुनाव जीत चुकी है। अब उसकी नजर तीसरी बार सरकार बनाने पर है। पार्टी के सामने सबसे पहले अपने संगठन की कमियां दूर करने और नाराज लोगों को साथ लाने का काम है। 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली प्रस्तावित बैठक इसी लिहाज से अहम मानी जा रही है। 

अमित शाह नेताओं से क्या बात करते हैं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर क्या फैसला होता है, यह बैठक के बाद पता चलेगा। फिलहाल पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले जिला स्तर से लेकर बूथ तक उसके कार्यकर्ता सक्रिय रहें।

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