Rahul Gandhi के वियतनाम दौरे पर BJP का हमला, 'वोट चोरी' आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने दिया करारा जवाब

राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर BJP और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है। 'वोट चोरी' आंदोलन पर उठे सवालों का कांग्रेस ने जवाब दिया। जानें पूरा विवाद।

राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल पर विदेशी ताकतों से संपर्क के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ उसका आंदोलन जारी रहेगा।

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्रा एक बार फिर राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गई है। राहुल के वियतनाम जाने के बाद BJP ने कांग्रेस के 'वोट चोरी' आंदोलन और उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर BJP ने उठाए सवाल

राहुल गांधी के विदेश जाने को लेकर BJP ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस लगातार राहुल गांधी को बड़े नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसे राजनीतिक सफलता नहीं मिल रही।

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान ऐसे लोगों से मिलते हैं, जिनकी गतिविधियां भारत के हितों के खिलाफ हैं। उनके मुताबिक, राहुल विदेश से लौटने के बाद देश की संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। BJP नेता ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी सड़क पर प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, राहुल गांधी के किसी विदेशी ताकत के इशारे पर काम करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

केसी वेणुगोपाल बोले- चुनाव आयोग के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

BJP के आरोपों पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की विदेश यात्रा से पार्टी के आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ा है। वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाती रहेगी। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि देश के लोगों का भरोसा सरकार से उठ रहा है और विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर पीछे नहीं हटेगा।

एक नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली की तैयारी

Rahul Gandhi के वियतनाम दौरे पर BJP का हमला, 'वोट चोरी' आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने दिया करारा जवाब

राहुल गांधी के विदेश दौरे के बीच कांग्रेस ने दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने एक नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। इसमें रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

वेणुगोपाल के मुताबिक, कांग्रेस को इस कार्यक्रम में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, यह पार्टी का अनुमान है और वास्तविक संख्या रैली के दिन ही सामने आएगी। दिल्ली पुलिस ने भी रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी है। कांग्रेस इस रैली के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग उठाने की तैयारी में है।

फारूक अब्दुल्ला ने विदेशी ताकतों के आरोपों पर मांगे सबूत

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने भी विदेशी ताकतों से जुड़े आरोपों पर केंद्र सरकार को घेरा है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा कि जब भी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ता है, विदेशी साजिश की बात सामने आने लगती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार को किसी विदेशी देश या संगठन की भूमिका का पता है तो उसका नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता।

अब्दुल्ला ने कहा कि केवल विदेशी ताकतों का नाम लेकर आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। सरकार को ऐसे दावों के समर्थन में ठोस जानकारी सामने रखनी चाहिए।

वोट चोरी के आरोपों पर क्यों हो रहा विवाद?

कांग्रेस और INDIA गठबंधन पिछले कुछ समय से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के कुछ फैसलों से निष्पक्ष चुनाव को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।दूसरी ओर, BJP विपक्ष के इन आरोपों को राजनीतिक अभियान बता रही है। चुनाव आयोग भी अपनी प्रक्रियाओं और फैसलों को कानून के मुताबिक बता चुका है।

अब राजनीतिक विवाद का अगला बड़ा पड़ाव एक नवंबर की दिल्ली रैली होगी। कांग्रेस इसे विपक्ष की एकजुटता दिखाने का अवसर मान रही है, जबकि BJP राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनके राजनीतिक नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।

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