तिब्बत में 7.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद शनिवार सुबह फिर तीन झटके दर्ज किए गए। अब तक 16 लोगों की मौत और 76 लोग घायल हुए हैं। भारत, चीन और अफगानिस्तान में भी भूकंप दर्ज किए गए हैं।
तिब्बत: चीन के तिब्बत क्षेत्र में भूकंप का सिलसिला जारी है। गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद शनिवार, 24 अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े चार घंटे के भीतर तीन नए झटके दर्ज किए गए। इनकी तीव्रता 4.0 से 4.6 के बीच रही। इस बीच भारत के जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक में भी हल्के भूकंप आए। तिब्बत में राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि स्थानीय प्रशासन क्षतिग्रस्त मकानों में फंसे लोगों की तलाश कर रहा है।
तिब्बत में सुबह कब-कब आया भूकंप?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार सुबह तिब्बत में पहला झटका भारतीय समयानुसार 1 बजकर 8 मिनट पर दर्ज हुआ। इसकी तीव्रता 4.0 थी और केंद्र जमीन से करीब 15 किलोमीटर नीचे था। इसके लगभग एक घंटे बाद सुबह 2 बजकर 7 मिनट पर दूसरा भूकंप आया। इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। तीसरा झटका सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर दर्ज हुआ, जिसकी तीव्रता 4.5 रही। दोनों भूकंपों की गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई।
इससे पहले गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात तिब्बत के नागकू क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंप आया था। उसके बाद से लगातार छोटे झटके महसूस किए जा रहे हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी मुख्य भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक दर्ज किए हैं।
भारत के तीन इलाकों में भी हिली धरती
![]()
शनिवार सुबह भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी हल्के भूकंप दर्ज हुए। जम्मू-कश्मीर के डोडा में सुबह 3 बजकर 11 मिनट पर 2.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर किश्तवाड़ में 2.4 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। कर्नाटक के चिक्कबल्लपुर में सुबह 3 बजकर 29 मिनट पर 2.9 तीव्रता का भूकंप आया। तीनों स्थानों पर भूकंप की गहराई करीब पांच किलोमीटर रही।
चीन में सुबह 4 बजकर 9 मिनट पर 4.6 तीव्रता और अफगानिस्तान में सुबह 3 बजकर 39 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। हालांकि, इन सभी झटकों का तिब्बत के मुख्य भूकंप से सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।
तिब्बत में 16 लोगों की मौत, 339 मकानों को नुकसान
तिब्बत में गुरुवार रात आए शक्तिशाली भूकंप से कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि घायलों की संख्या बढ़कर 76 पहुंच गई है। भूकंप के कारण कम से कम 339 मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी की ओर से जारी तस्वीरों में कई घरों की दीवारें टूटी हुई और इमारतों का मलबा सड़कों पर बिखरा दिखाई दिया।
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में नागकू शहर की बाकेन काउंटी शामिल है। यहां कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। प्रशासन को आशंका है कि लगातार आ रहे झटकों से पहले से कमजोर इमारतों को और नुकसान हो सकता है।
12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों से 12,000 से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव अभियान में तीन स्थानीय काउंटियों से 5,000 से अधिक लोगों को लगाया गया है। राहतकर्मी गांवों में जाकर क्षतिग्रस्त घरों की जांच कर रहे हैं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
नागकू के कार्यवाहक मेयर डुनझू ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक बचाव दल तीन बार तलाशी अभियान चला चुके थे। इस दौरान प्रभावित गांवों और घरों की जांच की गई। इलाका काफी ऊंचाई पर स्थित होने के कारण राहत कार्य आसान नहीं है। ठंड, दुर्गम रास्तों और चट्टानें खिसकने के खतरे से बचाव दलों को परेशानी हो रही है। बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी आश्रय स्थल भी तैयार किए जा रहे हैं।










