चुनाव से पहले नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता

जराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने PM नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर उन्हें 2027 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत कर उन्हें 2027 में इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का न्योता दिया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की।

तेल अवीव: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के दौरान उन्हें अगले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। मोदी ने निमंत्रण के लिए आभार जताया। दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल संबंधों, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। यह बातचीत इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से कुछ दिन पहले हुई।

नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर दी बातचीत की जानकारी

बेंजामिन नेतन्याहू ने 22 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और दोनों देशों के पुराने संबंधों की सराहना की। नेतन्याहू के मुताबिक, मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत और इजराइल के सहयोग का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी बातचीत के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में जारी गति की समीक्षा की और विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी ने पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम पर चर्चा और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बातचीत की पुष्टि की। 

कैप्टन स्मित मच्छर को भी दिया गया था निमंत्रण

नेतन्याहू ने यह निमंत्रण पहली बार अक्टूबर की शुरुआत में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से बातचीत के दौरान दिया था। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को हुई घटना के दौरान मच्छर ने अपने सह-पायलट के हमले का सामना किया था। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन कॉकपिट का दरवाजा खुलवाने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।

विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। इस घटना में पायलट के साहस की भारत और इजराइल में सराहना हुई। नेतन्याहू ने मच्छर को भारत और इजराइल के लोगों का नायक बताते हुए उन्हें भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया था। 

इजराइल में मशाल जलाने का क्या है महत्व?

इजराइल में स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले यरुशलम के माउंट हर्जल पर मशाल जलाने का आधिकारिक कार्यक्रम होता है। यह समारोह देश के लिए जान गंवाने वाले सैनिकों और अन्य लोगों की स्मृति में मनाए जाने वाले दिवस के समापन तथा स्वतंत्रता दिवस की शुरुआत का प्रतीक है। इसमें चुने गए लोगों को मशाल जलाने का सम्मान दिया जाता है।

इजराइल की संसद नेसेट के मुताबिक, यह परंपरा 1950 में शुरू हुई थी। समारोह में देश के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है। मशाल जलाने वालों का चयन एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है। इसलिए नेतन्याहू का निमंत्रण महत्वपूर्ण है, लेकिन अंतिम चयन की औपचारिक प्रक्रिया अलग है। 

चुनाव से पहले कूटनीतिक बातचीत

इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले नेतन्याहू की मोदी से बातचीत को भी अहम माना जा रहा है। चुनाव में उनकी लिकुड पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा, युद्ध और सरकार की नीतियां प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल हैं।

भारत और इजराइल के संबंध रक्षा, तकनीक, व्यापार और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों तक फैले हुए हैं। दोनों देशों ने अपने रिश्तों को विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच मोदी और नेतन्याहू के बीच क्षेत्रीय हालात पर चर्चा भी इस बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। 

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